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दिल्लीवालों की बड़ी जीत! मयूर विहार से AIIMS पहुंचने में बचेंगे 40 मिनट, जाम को कहें अलविदा

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दिल्ली की लाइफलाइन कहे जाने वाले बारापुला फ्लाईओवर के तीसरे चरण (Phase-3) का इंतजार अब खत्म होने वाला है. मयूर विहार फेज-1 से सराय काले खां तक बन रहे इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है. लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दावा किया है कि इस प्रोजेक्ट का शेष काम जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा. इसके शुरू होते ही पूर्वी दिल्ली और नोएडा से दक्षिणी दिल्ली की कनेक्टिविटी सुपरफास्ट हो जाएगी.

प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा पेड़ों की कटाई को लेकर थी. वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी ने काम की रफ्तार बढ़ा दी है. अधिकारियों के मुताबिक, अनुमति मिलने के बाद से अब तक 6 नए पिलर खड़े किए जा चुके हैं. कुल 15 पिलर बनाए जाने हैं, जिनमें से बाकी 9 पिलर बनाने की प्रक्रिया युद्धस्तर पर चल रही है. पिलर का काम पूरा होते ही इन पर स्पैन (गर्डर) डालने का काम शुरू होगा. दो तरफ के करीब 250-250 मीटर के हिस्से का निर्माण बचा है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है.

जाम से मिलेगी मुक्ति, बचेगा कीमती समय

बारापुला फेज-3 के शुरू होने का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो नोएडा, गाजियाबाद और मयूर विहार से एम्स या सफदरजंग अस्पताल जाते हैं. वर्तमान में डीएनडी या एनएच-9 के रास्ते सराय काले खां होते हुए एम्स पहुंचने में 40 से 50 मिनट का समय लगता है. भारी जाम के कारण एम्बुलेंस भी अक्सर फंसी रहती हैं. नया कॉरिडोर शुरू होने के बाद यह दूरी महज 20 मिनट में तय की जा सकेगी. इससे न केवल समय बचेगा बल्कि डीएनडी और एनएच-9 पर वाहनों का दबाव भी कम होगा.

95 फीसदी काम हो चुका है पूरा

सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 के बीच करीब 3.5 किलोमीटर लंबे इस हिस्से का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. फ्लाईओवर के जो हिस्से बन चुके हैं, वहां फिनिशिंग टच और कारपेटिंग का काम साथ-साथ चल रहा है. बारापुला का फेज-1 और फेज-2 (सराय काले खां से आईएनए तक) पहले से ही चालू है. फेज-3 जुड़ते ही यह पूरा कॉरिडोर सिग्नल फ्री हो जाएगा.

परियोजना का सफरनामा

सितंबर 2014 को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास हुआ. फिर अप्रैल 2015 में निर्माण कार्य शुरू हुआ. इसके बाद अक्टूबर 2017 में पहली डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण और पेड़ों की अनुमति के कारण देरी होती रही. फिर जनवरी 2026 में पेड़ों की मंजूरी के बाद काम ने रफ्तार पकड़ी और अब जून तक उद्घाटन की तैयारी है. इस फ्लाईओवर के शुरू होने से सराय काले खां के पास लगने वाले भीषण जाम से भी राहत मिलेगी और रिंग रोड पर यातायात सुगम हो जाएगा.

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