Local & National News in Hindi

बेंगलुरु: अपनी ही औलाद के ‘जल्लाद’ बने माता-पिता, तांत्रिक अनुष्ठान और बलि की साजिश से सहमा शहर

13

बेंगलुरु के ग्रामीण जिले में एक हौरान कर देने वाली घटना सामने आई है. माता-पिता धन प्राप्ति के उद्देश्य से हो रही पूजा में अपने बच्चे की बलि देने जा रहे थे. बताया जाता है कि घर से एक कमरे में गड्ढा खोदा बच्चे की बलि देने की तैयारी हो रही थी. तभी सूचना पर बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों ने वहां छापा मारकर बच्चों की बचा लिया. घटना होसाकोटे तालुक के सुलिबेले स्थित जनता कॉलोनी की है. सुलिबेले पुलिस मामले की जांच कर रही है.

बताया जा रहा है कि सैयद इमरान के घर में धन-दौलत के लिए एक बच्चे की बलि देने की तैयारी थी और उन्होंने किसी और से एक नवजात शिशु खरीदा था. कल पूर्णिमा के दिन हेल्पलाइन पर एक अज्ञात कॉल आई, जिसमें बच्चे की बलि दिए जाने की सूचना दी गई थी. इसके बाद अधिकारियों ने घर पर छापा मारकर जांच की तो पता चला कि घर के एक कमरे में बच्चे की बलि देने की पूरी तैयारी हो चुकी है. अधिकारियों ने 8 महीने के नवजात शिशु को बचाया और उसे शिशु केंद्र भेज दिया.

सैयद इमरान ने बच्चे को लिया था गोद

बाल संरक्षण एवं कल्याण समिति बच्चे की बलि के आरोपों की जांच कर रही है. घटना सुलिबेले पुलिस स्टेशन क्षेत्र की है. सैयद इमरान ने आठ महीने पहले एक प्रवासी मजदूर से एक बच्चे को गोद लिया था. गोद लेने के बाद, सैयद इमरान और उनकी पत्नी ने अपने नाम से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया.

छापेमारी के दौरान दंपति ने अधिकारियों को एक पत्र दिया, जिसमें उन्होंने बच्चे को गोद लेने की बात कही थी और एक समझौते पर हस्ताक्षर भी किए थे. हालांकि, अधिकारियों ने बच्चे को हिरासत में ले लिया है क्योंकि उसे कानूनी रूप से गोद नहीं लिया गया था.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.