ब्रेकिंग
छिंदवाड़ा में ठहाकों का 71वां साल! जब कवियों के व्यंग्य बाणों के सामने नेता भी हुए बेबस, प्रेमिका पर... Jabalpur News: जबलपुर में रजिस्ट्री और लीज का अजब-गजब खेल, अंग्रेजों के पुराने कानून से जनता बेहाल BJP Leader Death: एंबुलेंस के फर्श पर तड़पते रहे खून से लथपथ बीजेपी नेता, इलाज के दौरान मौत; ड्राइवर... MP News: सीधी के फाग गीतों में चढ़ा राजनीति का रंग, पीएम मोदी और स्थानीय सांसद पर लोक गायकों ने बांधे... दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर: राजघाट की ओर जाने वाले ये 5 मुख्य मार्ग प्रभावित, ट्रैफिक जाम से बचने... Bengaluru News: शादी के बाद पति के लिए छोड़ी नौकरी, फिर ससुराल में प्रताड़ना; बेंगलुरु में पूर्व महि... IND vs ENG Semifinal: वानखेड़े में इंग्लैंड से हिसाब चुकता करेगी टीम इंडिया? जानें सेमीफाइनल का पूरा... Bhooth Bangla: सेमीफाइनल से पहले अक्षय कुमार ने टीम इंडिया को दिया खास 'गुड लक', शिखर धवन के साथ की ... Punjabi Youtuber Killed in Canada: मशहूर यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की हत्या, हमलावरों ने घर में घुसकर ... ईरान हमले में भारत का नाम! क्या सच में अमेरिकी सेना ने किया भारतीय पोर्ट का उपयोग? विदेश मंत्रालय का...
व्यापार

Toll Tax New Rules: अब उतना ही पैसा लगेगा जितनी सड़क बनी! अधूरे एक्सप्रेसवे पर ‘लूट’ बंद, सरकार का बड़ा फैसला

सरकार ने टोल पर आम लोगों को बड़ी राहत दी है. वास्तव में टोल के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं. केंद्र सरकार ने नेशनल एक्सप्रेसवे के लिए टोल वसूली नियमों में बदलाव करते हुए कहा है कि अब, एक्सप्रेसवे के पूरी तरह से चालू न होने पर यात्रियों को पूरा टोल नहीं वसूला जाएगा. उनसे केवल पूर्ण हो चुके हिस्सों के लिए ही नेशनल हाईवे पर लागू दरों पर शुल्क लिया जाएगा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर टोल के नियमों को ले​कर सरकार ने किस तरह के बदलाव किए हैं.

नए टोल प्रावधान

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि आंशिक रूप से चालू नेशनल एक्सप्रेसवे के यूजर्स के लिए, भारत सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और वसूली) नियम, 2008 में संशोधन अधिसूचित किया है. पहले, एक्सप्रेसवे की पूरी लंबाई के लिए टोल वसूला जाता था, भले ही उसके बड़े हिस्से अभी भी निर्माणाधीन हों. यात्रियों को पूरा शुल्क देना पड़ता था, चाहे एक्सप्रेसवे का केवल एक हिस्सा ही उपयोग योग्य हो. नए नियमों के अनुसार, टोल केवल चालू हिस्सों के लिए ही लिया जाएगा.

एक्सप्रेसवे पर मौजूदा टोल स्ट्रक्चर

वर्तमान में, नेशनल एक्सप्रेसवे पर टोल स्टैंडर्ड नेशनल हाईवे की तुलना में 25 फीसदी अधिक है. यदि कोई खंड अधूरा भी हो, तो यात्रियों को चालू हिस्से के लिए पूरा शुल्क देना पड़ता है. मंत्रालय ने कहा कि नए नियम के तहत, जब कोई नेशनल एक्सप्रेसवे पूरी तरह से खुला नहीं होगा, तो टोल शुल्क पूरी लंबाई के लिए कम दर पर लिया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को नेशनल एक्सप्रेसवे के चालू हिस्सों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है. मंत्रालय के अनुसार, इससे एक्सप्रेसवे के समानांतर मौजूदा नेशनल हाई रूट पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों और माल दोनों की आवाजाही तेज़ होगी. इससे पुराने हाईवे पर ट्रैफिक जाम से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है.

15 फरवरी से प्रभावी होंगे नियम

नेशरनल हाईवे शुल्क (दर निर्धारण एवं वसूली) (संशोधन) नियम, 2026 नामक संशोधित नियम 15 फरवरी, 2026 से प्रभावी होंगे. ये प्रावधान एक वर्ष तक या एक्सप्रेसवे के पूर्णतः चालू होने तक, जो भी पहले हो, लागू रहेंगे. इस कदम से निजी वाहन चालकों के साथ-साथ ट्रक और बस संचालकों को भी लाभ होने की उम्मीद है. टोल शुल्क में कमी से ट्रांसपोर्टेशन खर्च में कमी आ सकती है.

Related Articles

Back to top button