Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

हजारीबाग की महिलाओं का कमाल! सात समंदर पार पहुंचेगी ‘सोहराय कला’, माटी की खुशबू को दुनिया में पहचान दिलाने की ठानी

हजारीबाग:जिले की प्रसिद्ध लोक कला सोहराय को दूर तलक तक पहुंचाने का बीड़ा महिलाओं ने उठाया है. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऐसी महिलाओं के जज्बे को ईटीवी भारत भी सलाम करता है. हजारीबाग के चूरचू प्रखंड की जोराकाट की रहने वाली महिलाओं ने सोहराय कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया है. राष्ट्रपति भवन में भी इनके द्वारा बनाई गई कलाकृति को देखा जा सकता है.

दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हजारीबाग में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान हजारीबाग की सोहराय कला का प्रचार-प्रसार करने वाली महिला कलाकारों को सम्मानित किया गया. सम्मान समारोह के बाद ईटीवी भारत की टीम ने महिला कलाकारों से बातचीत की.

5000 साल से अधिक पुराना है सोहराय कला का इतिहास

इस दौरान महिला कलाकारों ने बताया कि हजारीबाग के छोटे से गांव जोराकाट से निकलकर अब सोहराय कला देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है. यही नहीं राष्ट्रपति भवन में भी उनकी बनाई गई कलाकृति झारखंड के हजारीबाग को अलग पहचान दे रही है. महिलाओं ने बताया कि सोहराय हजारीबाग की अपनी लोक कला है. जिसका इतिहास 5000 साल से भी अधिक पुराना है. उस कला को वे सड़क के किनारे, सरकारी कार्यालय के दीवारों पर उकेर रही हैं, ताकि सोहराय कला के बारे में लोग अधिक से अधिक जान सकें.

सोहराय कला को पहचान दिलाने का बीड़ा

महिला कलाकारों का कहना है कि उनके पूर्वज इस कला को मिट्टी की दीवारों पर उकेरा करते थे. पूर्वजों से सोहराय कला सीख कर अब वे सोहराय कला को विभिन्न स्थानों पर उकेरने का काम कर रही हैं. महिलाओं ने कहा कि इस कला को दूर तलक तक पहुंचने में जो आनंद मिल रहा है उसकी व्याख्या नहीं की जा सकती है.

महिलाओं को किया गया पुरस्कृत

आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ऐसी महिलाओं को पूरा देश सलाम कर रहा है. इस कड़ी में हजारीबाग में महिलाओं को पुरस्कृत किया गया. महिलाएं कहती हैं कि बड़कागांव के इसको गुफा में सोहराय कला को आज भी देखा जा सकता है. वह कला इसको गुफा से निकलकर मिट्टी के घरों की दीवारों पर जगह बनाई. धीरे-धीरे यह राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है, जो इस कला की खूबसूरती को दर्शाता है.

हजारीबाग की यह महिलाएं निसंदेह काबिले तारीफ हैं, जो हजारीबाग की कलाकृति और यहां की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं, ताकि इस कला को देशभर में पहचान मिल सके.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.