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विजयपुर की सियासत में बड़ा मोड़: मुकेश मल्होत्रा की बची विधायकी! हाई कोर्ट ने अपने ही फैसले पर लगाया स्टे; विरोधियों को लगा बड़ा झटका

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श्योपुर: मध्य प्रदेश का श्योपुर विधानसभा क्षेत्र में बीते 2-3 दिनों से चर्चाओं में बना हुआ है. इसकी वजह है, सोमवार यानि 9 मार्च को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ का सुनाया गया फैसला. जहां कोर्ट ने विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर फैसला सुनाते हुए बीजेपी के हारे हुए प्रत्याशी रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया था, जबकि कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी शून्य की थी. वहीं हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद विवेक तंखा की याचिका पर संज्ञान लेते हुए अपने ही फैसले पर 15 दिन का स्टे लगा दिया है. जिसके बाद कांग्रेस अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी.

अपने ही फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाया स्टे

विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद विवेक तंखा ने तुरंत कोर्ट का रूख किया. जहां विवेक तंखा की याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने अपने ही फैसले को 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया है. जिसका मतलब है कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट में अपील करके स्थगन आदेश प्राप्त करने का मौका दिया गया है. यह स्थगन RP एक्ट के प्रावधान अनुसार दिया गया है. यानि तब तक मुकेश मल्होत्रा विजयपुर से कांग्रेस विधायक रहेंगे. जस्टिस एसजी अहलूवालिया ने मुकेश मल्होत्रा ​​की इस दलील पर सहमति जताई कि अगर फैसले के असर और अमल पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें भारी नुकसान होगा. उन्होंने कहा कि फैसले के असर और अमल पर 15 दिनों के लिए रोक लगाने की अर्ज़ी न्याय के हित में है, ताकि प्रतिवादी मुकेश मल्होत्रा ​​सुप्रीम कोर्ट से रोक का आदेश ले सकें.”

जीतू पटवारी ने बताया लोकतांत्रिक लड़ाई

जीतू पटवारी ने कहा कि हम लोकतांत्रिक तरीके से फिर से कांग्रेस का विधायक बनवाएंगे. कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई बताया है. उन्होंने कहा कि हम राज्यसभा सांसद के साथ मजबूती से लगे हुए हैं. साथ ही कहा कि बीजेपी दलित, आदिवासी और आरक्षण विरोधी है. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में विवेक तंखा और अभिषेक मनु संघवी मामले की पैरवी करेंगे.

क्या है मुकेश मल्होत्रा और रामनिवास का पूरा मामला

दरअसल, विजयपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा को जीत मिली थी, जबकि बीजेपी रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था. हार के बाद रामनिवास रावत ने हाईकोर्ट में मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ याचिका लगाई थी, जिसमें दावा किया गया था कि कांग्रेस विधायक ने आपराधिक जानकारी छिपाई है. मामले में सोमवार को ग्वालियर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए मुकेश मल्होत्रा द्वारा आपराधिक जानकारी छिपाने की बात सही पाई गई, जिसके बाद कोर्ट ने मुकेश मल्होत्रा की विधायकी शून्य कर दी और रामनिवास रावत को विधायक घोषित किया.

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