महाराष्ट्र

मुंबई में ‘गैस माफिया’ पर महा-स्ट्राइक! सैकड़ों LPG सिलेंडर जब्त, कालाबाजारी के बड़े रैकेट का भंडाफोड़; प्रशासन की कार्रवाई से मचा हड़कंप

ईरान-इजराइल जंग के कारण देश में एलपीजी संकट देखने को मिल रहा है. देश के कई इलाकों में पुलिस की सुरक्षा में गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं. तो वहीं दूसरी तरफ गैस की कालाबाजारी भी रुकने का नाम नहीं ले रही है. मुंबई के वर्ली में राशन डिस्ट्रीब्यूशन विभाग ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है. रिहायशी इलाके में अवैध रूप से खतरनाक तरीके से स्टोर किए गए सैकड़ों भरे व खाली सिलेंडर जब्त किए गए.

राशन डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट ने वर्ली इलाके में घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वाले एक गैंग पर कार्रवाई करते हुए बड़ा स्टॉक जब्त किया. इस ऑपरेशन में पता चला कि सिलेंडरों को रिहायशी इलाकों में खतरनाक तरीके से स्टोर करके ब्लैक मार्केट में बेचा जा रहा था.

कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफिस की मोबाइल टीम और ऑफिस नंबर 21 के अधिकारियों ने मिलकर यह ऑपरेशन किया. एडमिनिस्ट्रेशन को सीक्रेट जानकारी मिली थी कि वर्ली नाका पर गणपतराव कदम मार्ग पर सूरज वल्लभदास चॉल इलाके में गैस सिलेंडर गैर-कानूनी तरीके से स्टोर करके ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं. इसके मुताबिक, टीम ने तुरंत रेड मारी और गैर-कानूनी तरीके से स्टोर किए गए सिलेंडर जब्त कर लिए.

बड़ी संख्या में जब्त किए गए सिलेंडर

ऑपरेशन में HP गैस कंपनी के पांच kg के छह भरे हुए और 58 खाली सिलेंडर जब्त किए गए. साथ ही सुपर गैस कंपनी के चार kg के 64 भरे हुए सिलेंडर और 12kg के 19 भरे हुए सिलेंडर जब्त किए गए. इसके अलावा, 12 चार और दो kg के अलग-अलग साइज के 25 खाली सिलेंडर भी मिले.

अधिकारियों ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?

अधिकारियों ने बताया कि इन सिलेंडरों को गैर-कानूनी तरीके से रिफिल करके ब्लैक मार्केट में बेचने के लिए रखा गया था. जब्त किया गया सारा सामान आगे की कार्रवाई के लिए वर्ली पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है. प्रशासन ने साफ किया कि ऐसे रिहायशी इलाके में सिलेंडर रखना और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से बेचना बहुत खतरनाक है. इससे लोगों की जान को बड़ा खतरा हो सकता है.

यह कार्रवाई कंट्रोलर राशन डिस्ट्रीब्यूशन चंद्रकांत डांगे के गाइडेंस में की गई. गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए डिपार्टमेंट की टीमें 24 घंटे अलर्ट पर हैं.

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