Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

Jabalpur Police Action: जबलपुर एसपी ने 26 टीआई (TI) को दी एक साथ सजा, जानें पुलिस प्रभारियों पर क्यों गिरी गाज और क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में लगातार बढ़ते अपराध और अपेक्षित पुलिस कार्रवाई न होने पर नाराज पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कड़ा कदम उठाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है. जबलपुर के पुलिस इतिहास में संभवतः पहली बार एक साथ 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई है. पुलिस विभाग में तरह-तरह की चर्चा भी शुरू हो गई हैं.

जानकारी के अनुसार, अपराधों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के थानों की कार्यप्रणाली का विस्तृत मूल्यांकन किया. इस दौरान पाया गया कि कई थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई. बीते वर्ष की तुलना में कई थानों का प्रदर्शन कमजोर रहा और अपराधों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा सका. इसी को लेकर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए 25 थाना प्रभारियों को निंदा (कंडेम्नेशन) और एक थाना प्रभारी को चेतावनी देने की कार्रवाई की है.

क्यों हुई कार्रवाई?

यह दंड संबंधित अधिकारियों के सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा, जिसका असर उनके भविष्य के करियर पर पड़ सकता है. विशेष रूप से प्रमोशन के समय यह टिप्पणी उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है. पुलिस विभाग में सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज निंदा या चेतावनी को गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जाता है. समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि शहर में बढ़ते अपराध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. हाल के दिनों में छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवादों में चाकूबाजी, मारपीट और बमबाजी जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे आम जनता में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है. ऐसे मामलों में पुलिस की सख्त और त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है.

इन पर गिरी गाज

जिन टीआई पर यह कार्रवाई की गई है इनमें शहर के लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य, गोहलपुर टीआई रीतेश पांडे, गौरीघाट टीआई हरिकिशन आटनेरे, कैंट थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र पटले, विजय नगर टीआई राजेन्द्र मर्सकोले, कोतवाली टीआई मानस द्विवेदी, मदन महल टीआई धीरज राज, बेलबाग टीआई जितेन्द्र पाटकर, गोराबाजार टीआई संजीव त्रिपाठी, माढ़ोताल टीआई वीरेन्द्र सिंह पंवार एवं पनागर टीआई विपिन ताम्रकार आदि शामिल हैं. इसके साथ ही ग्रामीण थाना क्षेत्र के बरेला थाना प्रभारी अनिल पटेल, भेड़ाघाट टीआई कमलेश चौरिया, चरगवां टीआई अभिषेक प्यासी, पाटन टीआई गोपीन्द्र सिंह राजपूत, कटंगी टीआई पूजा उपाध्याय, शहपुरा टीआई प्रवीण धुर्वे, बेलखेड़ा टीआई लवकेश उपाध्याय, खितौला टीआई रमन सिंह मरकाम, मझौली टीआई नेहरू सिंह खण्डाते, मझगवां टीआई हरदयाल सिंह एवं गोसलपुर टीआई गाजीवती पुसाम व सिहोरा से बीते दिनों हटाए गए. टीआई विपिन बिहारी को निंदा की सजा दी गई है. बरगी थाने के टीआई नीलेश दोहरे को चेतावनी की सजा दी गई है.

पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाएं. बदमाशों की निगरानी बढ़ाई जाए, हिस्ट्रीशीटर और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई तेज की जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग की जाए. इसके साथ ही थाना स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए गए हैं. इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि भविष्य में भी किसी थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.