मध्यप्रदेश

LPG का हाहाकार! गैस एजेंसियों के बाहर लगी किलोमीटर लंबी कतारें, खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे लोग; जानें क्यों ठप हुई सप्लाई?

सरगुजा : अंबिकापुर में एलपीजी गैस को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच इसका असर स्थानीय बाजारों में भी दिखाई देने लगा है. गैस एजेंसियों में लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और अब एक गैस कनेक्शन पर महीने में केवल एक ही सिलेंडर देने के फैसले से जनता परेशान हो रही है.

गैस एजेंसियों के सामने लगी भीड़

अंबिकापुर शहर में इन दिनों गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ देखने को मिल रही है. पहले जहां घरेलू उपभोक्ता एक महीने में दो सिलेंडर ले सकते थे, वहीं अब एक कनेक्शन पर केवल एक ही सिलेंडर दिया जा रहा है. हालांकि घरेलू गैस की सप्लाई जारी है, लेकिन इसकी मात्रा सीमित कर दी गई है.

व्यवसायिक उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी

सबसे ज्यादा परेशानी व्यवसायिक उपभोक्ताओं को हो रही है. होटल और ढाबों में उपयोग होने वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल बंद कर दी गई है.ऐसे में होटल और ढाबा संचालक मजबूरी में लकड़ी का इस्तेमाल कर अपना काम चला रहे हैं.

लकड़ी से खाना बनाकर होटल चलाना ज्यादा दिनों तक संभव नहीं है. अगर जल्द ही कमर्शियल गैस की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो उनके व्यवसाय पर गंभीर असर पड़ सकता है- उमेश जायसवाल , होटल संचालक

वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ने लगा है.

गैस सिलेंडर की उपलब्धता कम होने के साथ-साथ इसकी कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है-एएन पांडेय , स्थानीय

वहीं गैस सिलेंडर के आपूर्ति को लेकर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिले में एलपीजी गैस की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है.

खाद्य विभाग और राजस्व विभाग को कालाबाजारी पर नजर रखने और तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.कुछ जगहों पर कार्रवाई भी की गई है. उम्मीद है कि कमर्शियल गैस सिलेंडर की स्थिति जल्द सामान्य हो जाएगी- अजीत वसंत,कलेक्टर

आपको बता दें कि प्रशासन गैस एजेंसियों में लग रही भीड़ की स्थिति को नियंत्रण में बता रहा है, लेकिन कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद होने से होटल और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में हालात कब तक सामान्य हो पाते हैं.

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