LPG का हाहाकार! गैस के लिए दर-दर भटक रहे उपभोक्ता, शिकायतों के बाद एजेंसियों पर प्रशासन का कड़ा पहरा; अब नहीं होगी गड़बड़ी?
पाकुड़: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण पाकुड़ जिले में इन दिनों रसोई गैस के लिए बुकिंग कराने एवं आधार लिंक कराने को लेकर परेशानी बढ़ गयी है. इतना ही नहीं रसोई गैस समय पर नहीं मिलने से भी उपभोक्ता काफी परेशान दिख रहे हैं और एजेंसी के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं. हालांकि जिला प्रशासन रसोई गैस की किल्लत से साफ इंकार करते हुए लोगों को परेशान नहीं होने की अपील भी कर रहा है.
रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं- मनीष कुमार
जिला प्रशासन और रसोई गैस के विक्रेता यह जरूर स्वीकार रहे कि बुकिंग और आधार लिंक को लेकर थोड़ी सी परेशानी उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है और इसकी वजह सर्वर डाउन होना बताया जा रहा है. जिला प्रशासन के मुखिया मनीष कुमार का कहना है कि जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है और उपभोक्ताओं से अफवाहों पर ध्यान नही देने की अपील भी की जा रही है.
डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन की नजर रसोई गैस को लेकर उपभोक्ताओं की समस्याओं और विक्रेता के सिस्टम पर है. उन्होंने कहा कि रसोई गैस विक्रेताओं के साथ शीघ्र बैठक की जायेगी और यह सुनिश्चित करने का काम होगा कि उपभोक्ताओं को पूर्व की तरह सुलभ और सहज तरीके से रसोई गैस उपलब्ध हो सके.
बुकिंग को लेकर उपभोक्ता परेशान दिखे
गैस एजेंसी के कार्यालय में उपभोक्ताओं की काफी भीड़ दिखी. कई उपभोक्ता केवाइसी को लेकर और कई बुकिंग को लेकर परेशान दिखे और अपनी समस्याओं को रसोई गैस के थोक विक्रेता के समक्ष भी रखा.
गैस एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि घर-घर रसोई गैस की आपूर्ति उसी तरह की जा रही है जो पहले होता था. गैस एजेंसी द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक बांका और बोकारो से रसोई गैस पाकुड़ भेजी जाती थी जिसमें कुछ कटौती हाल के दिनों में हुई है. उपभोक्ता प्रशासन और गैस विक्रेता के समक्ष अपनी बातों को रखने में कम और एक दूसरे के बीच चर्चा करने को ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
उपभोक्ताओं से अधिक राशि ली जा रही है
वहीं, कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसी के यहां एलपीजी गैस लेने पर पाइप एवं लाइटर लेना जरुरी कर दिया है, जितने की रसीद काटी जा रही है उससे कहीं अधिक राशि ली जा रही है.
इस मामले में एजेंसी प्रबंधक का कहना है कि पाइप बेची जा रही है लेकिन जबरन नहीं दिया जा रहा है. साथ ही आधार लिंक के नाम पर कोई अलग राशि नहीं ली जा रही है. इस मामले में डीसी का कहना है कि इसकी समीक्षा की जाएगी और आधार लिंक के नाम पर यदि अलग से कोई राशि ली जा रही है तो सबंधित एजेंसी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
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