Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

स्कूली छात्रों के लिए खुशखबरी! NCERT ने लिया अब तक का सबसे बड़ा फैसला; किताबों का बोझ होगा कम, बदल जाएगा पढ़ाई का अंदाज

लुधियाना: स्कूलों में नया सैशन शुरू होने से पहले अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इस शृंखला में कक्षा 9वीं में पढ़ाई के लिए अंग्रेजी की पुरानी किताबें नहीं चलेंगी। नैशनल काऊंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एन.सी.ई.आर.टी.) ने बड़ा बदलाव करते हुए इंगलिश की किताबों की संख्या 2 से घटाकर अब केवल 1 कर दी है। इसके साथ ही चैप्टर्स की संख्या में भी भारी कटौती की गई है। काऊंसिल द्वारा जारी नई किताब ‘कावेरी’ से अब पढ़ाई होगी, जिसमें भारतीय लेखकों और इंडियन नॉलेज सिस्टम (आई.के.एस.) के एलिमैंट्स पर विशेष जोर दिया गया है। नैशनल स्कूल एजुकेशन करिकुलम फ्रेमवर्क-2023 के अनुसार तैयार की गई यह पुस्तक पिछली पाठ्य पुस्तकों ‘बीहाइव’ और ‘मोमैंट्स’ का स्थान लेगी।

जानकारी के मुताबिक पहले कक्षा 9 के इंगलिश सिलेबस में 2 किताबें होती थीं और विद्यार्थियों को कुल 29 चैप्टर्स पढ़ाए जाते थे। लेकिन नए सिलेबस में अब केवल एक ही किताब ‘कावेरी’ होगी जिसमें कुल 16 चैप्टर्स शामिल किए गए हैं। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य सिलेबस को पहले की तुलना में अधिक संतुलित, सरल और कम बोझ वाला बनाना है, ताकि विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई अधिक समझने योग्य हो सके।

भारतीय और विदेशी लेखकों के बीच रखा गया तालमेल

जानकारी के मुताबिक नई किताब में भारतीय लेखकों और उनकी रचनाओं को प्रमुखता दी गई है। कावेरी में शामिल 16 टैक्स्ट में से 8 रचनाएं भारतीय लेखकों की हैं। इनमें तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती, राज्यसभा सांसद और लेखिका सुधा मूर्ति, नागा लेखिका तेमसुला एओ (टेम्सुला आओ), असमिया नॉवेलिस्ट मित्रा फुकन और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर शामिल हैं। वहीं, विदेशी लेखकों में अमरीकी कवि डेविड रोथ, अंग्रेजी कवि चार्ल्स स्वैन, अमरीकी बाल लेखिका ब्रायना टी. पर्किन्स, कवि रॉबर्ट लैंगली, लेखिका माया एंथोनी और सिंगापुर की लेखिका आइरीन चुआ की रचनाओं को जगह मिली है। पुस्तक में ‘गिफ्ट्स ऑफ ग्रेस : ऑनरिंग आवर वोकेशन्स’ नाम की एक गुमनाम कविता भी शामिल है।

पैराओलिम्पिक खिलाड़ी दीपा मलिक की कहानी और सुधा मूर्ति की रचना से होगी शुरुआत

नई किताब की शुरुआत सुधा मूर्ति के 2004 के कलैक्शन ‘हाऊ आई टॉट माई ग्रैंडमदर टू रीड एंड अदर स्टोरीज’ की एक कहानी से होती है। इसके अलावा विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए मोटिवेशनल कंटैंट भी जोड़ा गया है। किताब में ‘दि वर्ल्ड ऑफ़ लिमिटलैस पॉसिबिलिटीज़’ नाम से एक इंटरव्यू आधारित चैप्टर है जिसमें भारत की प्रसिद्ध पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की कहानी और उनकी शानदार उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस नए पाठ्यक्रम से छात्रों की सांस्कृतिक समझ विकसित होगी और उन्हें अपने देश के साहित्य के साथ-साथ ग्लोबल लिटरेचर का भी सही अनुभव मिल सकेगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.