Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

Goa ED Action: गोवा के मशहूर ‘Birch by Romeo Lane’ क्लब पर ED का बड़ा प्रहार, ₹17.45 करोड़ की संपत्ति जब्त

गोवा के चर्चित क्लब Birch by Romeo Lane केस में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने करीब 17.45 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच कर दी है. यह कार्रवाई पीएमएलए कानून के तहत हुई है. मामला गोवा के अर्पोरा इलाके में चल रहे इस क्लब के गैरकानूनी संचालन से जुड़ा है, जहां एक दर्दनाक हादसा हुआ था.

इस पूरे केस की शुरुआत गोवा पुलिस की एफआईआर से हुई थी, जो अंजुना और मापुसा पुलिस स्टेशन में सौरभ लूथरा और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई थी. यह एफआईआर सिर्फ एक हादसे तक सीमित नहीं थी. बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का भी खुलासा हुआ. 6 दिसंबर 2025 को इसी क्लब में भीषण आग लगी थी, जिसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे.

जरूरी दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई

जांच में सामने आया कि क्लब चलाने के लिए जरूरी दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी की गई थी. ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि इस क्लब को बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी गोवा अरपोरा एलएलपी नाम की कंपनी चला रही थी लेकिन इसके पास जरूरी सरकारी मंजूरी तक नहीं थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि क्लब के पास फायर एनओसी तक नहीं था, यानी सुरक्षा के बुनियादी नियमों की भी अनदेखी की गई.

अधिकारियों को गुमराह किया गया

जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी हेल्थ एनओसी और नकली पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज बनाकर अधिकारियों को गुमराह किया गया और लाइसेंस हासिल किए गए. इतना ही नहीं जांच में यह भी पता चला कि क्लब का ट्रेड लाइसेंस 31 मार्च 2024 को ही खत्म हो चुका था. इसके बावजूद क्लब को धड़ल्ले से चलाया जा रहा था. यानी कानून की खुली अवहेलना करते हुए लोगों की जान को खतरे में डालकर मुनाफा कमाया जा रहा था.

ईडी ने कई जगहों पर छापेमारी की थी

ईडी के मुताबिक, इस अवैध तरीके से चल रहे क्लब ने 2023-24 से लेकर 6 दिसंबर 2025 तक करीब 29.78 करोड़ रुपये की कमाई की, जिसे अब प्रोसीड्स ऑफ क्राइम यानी अपराध से कमाई आय माना गया है. इससे पहले भी ईडी ने 23 जनवरी 2026 को इस मामले में कई जगहों पर छापेमारी की थी, जिसमें अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद हुए थे. साथ ही करीब 59 लाख रुपये के बैंक अकाउंट भी फ्रीज किए गए थे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.