Local & National News in Hindi

Pune Lohagad Murder Case: केतन अग्रवाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा; हत्या से पहले आरोपियों ने की थी किले की रेकी

21

पुणे: पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुई बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक हाईप्रोफाइल मर्डर केस बन चुका है। शुरुआती जांच में इसे महज एक दुर्घटना मानने वाली पुलिस अब इसे एक सुनियोजित हत्या के रूप में देख रही है। पुलिसिया जांच में सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी की संलिप्तता के गंभीर सबूत सामने आए हैं।

🗺️ साजिश की जड़: मई से शुरू हुई थी रेकी

जांच में पता चला है कि आरोपी सिया और चेतन ने मई महीने से ही लोहागढ़ किले की रेकी (Reconnaissance) शुरू कर दी थी। उन्होंने किले के सुनसान हिस्सों को वारदात के लिए चुना। पुलिस के अनुसार, 18 जून को हुई घटना के पीछे महीनों की मेहनत और सोची-समझी साजिश थी।

📱 डिजिटल सबूतों को मिटाने की कोशिश

आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपने मोबाइल से महत्वपूर्ण चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे। हालांकि, फॉरेंसिक टीमें अब इन डिजिटल साक्ष्यों को रिकवर करने में जुटी हैं। इसके अलावा, चेतन चौधरी पर आरोप है कि उसने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए अपने कर्मचारी नीरज कुमार से मोबाइल फोन तक बदल लिए थे, लेकिन तकनीकी सर्विलांस (Technical Surveillance) ने उनकी पोल खोल दी।

🎥 सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई साजिश

पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज में चेतन की गतिविधियां बेहद संदिग्ध हैं। वह किले पर एक खास समय पर पहुंचा और एक सुनसान स्थान पर करीब 8 मिनट तक केतन और सिया का इंतजार करता रहा। फुटेज में सिया और चेतन के बीच संदिग्ध इशारों का आदान-प्रदान भी देखा गया है, जो उनकी पूर्व-नियोजित योजना की पुष्टि करता है।

⚠️ पहले भी हुई थी जान लेने की कोशिश?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 31 मई को भी सिया और केतन लोहागढ़ किले पर गए थे। माना जा रहा है कि तभी से सिया के मन में केतन को धक्का देने का विचार आया था। हालांकि, पहली कोशिश में वह सफल नहीं हो सकी थी। अब पुलिस इन सभी पुराने तथ्यों को 18 जून की घटना से जोड़कर मामले की अंतिम कड़ी तैयार कर रही है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.