बिहार में जमीन की बढ़ती कीमतों के साथ ‘लैंड माफिया’ का नेटवर्क भी तेजी से फैलता जा रहा है। अपराधी विवादित जमीनों पर कब्जा दिलाने या हटाने का ठेका ले रहे हैं। ताजा मामला राजधानी पटना का है, जहां डीएसपी कार्यालय के ठीक सामने स्थित करीब 37 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन पर कब्जा करने के लिए हथियारों से लैस बदमाशों की पूरी फौज पहुंच गई। हालांकि, खूनी संघर्ष शुरू होने से पहले ही पुलिस और एसटीएफ (STF) ने पूरे गैंग की साजिश नाकाम कर दी। इस मामले में 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई कुख्यात अपराधी शामिल हैं।
क्या है पूरा विवाद? वृद्ध महिला की जमीन पर थी नजर
पुलिस के मुताबिक, यह मामला बैरिया बस स्टैंड के पास स्थित 37 कट्ठा विवादित जमीन से जुड़ा है। यह जमीन डीएसपी सदर-2 रंजन कुमार के सरकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित है। जांच में सामने आया कि जमीन एक वृद्ध महिला श्री देवी के नाम पर बताई जा रही है, जिनकी कोई संतान नहीं है। इसी का फायदा उठाते हुए सारण जिले के आकिलपुर के पूर्व मुखिया शैलेश कुमार ने कथित तौर पर कम कीमत पर जमीन का एग्रीमेंट करा लिया। जब उसने जमीन की घेराबंदी शुरू की, तो महिला के रिश्तेदारों ने इसका विरोध किया और दूसरे पक्ष के लोगों से जमीन का एग्रीमेंट कर लिया। इसके बाद यह मामला कब्जे की खूनी लड़ाई तक पहुंच गया।
कब्जे के लिए 11 बदमाशों को दी गई थी 5-5 लाख की सुपारी
पुलिस जांच के अनुसार, पूर्व मुखिया शैलेश कुमार ने जमीन पर कब्जा दिलाने के लिए 11 अपराधियों को पांच-पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। सभी अपराधी हथियारों के साथ मौके पर पहुंच गए थे और किसी भी समय खूनी संघर्ष हो सकता था। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली। सूचना के आधार पर एसटीएफ और पटना पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर पूरे गिरोह को घेर लिया और 18 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में मुख्य साजिशकर्ता पूर्व मुखिया शैलेश कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि पांच अन्य कुख्यात अपराधियों की तलाश अभी जारी है।
हथियार, लग्जरी गाड़ियां और मोबाइल फोन बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से भारी मात्रा में सामान जब्त किया है। इनमें शामिल हैं:
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तीन देसी पिस्तौल और चार जिंदा कारतूस
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एक स्कॉर्पियो, एक स्विफ्ट डिजायर और एक एक्सयूवी-500 गाड़ी
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15 टच स्क्रीन मोबाइल और एक कीपैड फोन
गिरफ्तार आरोपियों में पुनपुन, मनेर, नौबतपुर, दुल्हिन बाजार, रोहतास, नालंदा, धनबाद और पटना के विभिन्न इलाकों के रहने वाले लोग शामिल हैं। इनमें से 11 आरोपी हत्या, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में पहले से आरोपी रहे हैं।
जमीन कब्जाने का ठेका लेता है यह सिंडिकेट
पुलिस जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक पटना और आसपास के इलाकों में जमीन कब्जाने के लिए कई संगठित गैंग सक्रिय हैं। पुनपुन, मनेर, मसौढ़ी और नौबतपुर जैसे इलाकों से संचालित ये गिरोह पैसे लेकर विवादित जमीनों पर कब्जा दिलाने, कब्जा हटाने और विरोध करने वालों को धमकाने का काम करते हैं। कम जोखिम और भारी कमाई के कारण कई आदतन अपराधी जेल से बाहर आने के बाद फिर इसी धंधे में लौट आते हैं।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पटना पुलिस
सिटी एसपी पूर्वी शैलजा ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी हथियारों के साथ जमीन पर कब्जा करने के उद्देश्य से जुटे हुए थे। फिलहाल यह भी जांच की जा रही है कि जिस महिला के नाम पर जमीन बताई जा रही है, वह वास्तविक मालिक हैं या नहीं। साथ ही बरामद वाहनों के दस्तावेजों की भी वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जा रही है। फरार पांच अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
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