UP Politics: यूपी में तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट! चंद्रशेखर और स्वामी प्रसाद मौर्य की मुलाकात से गरमाई सियासत
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल में अभी से ही गर्माहट आने लगी है। राजनीतिक समीकरण सेट करने की कवायद तेज हो गई है और अब राज्य में ‘तीसरे मोर्चे’ के गठन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर, प्रदेश के पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ एक बार फिर मुलाकात करने वाले हैं। रायबरेली के सलोन स्थित मृतक मेवालाल के परिवार से मुलाकात करने पहुंचे सांसद चंद्रशेखर ने इस बारे में कहा, “आज फिर स्वामी प्रसाद मौर्य से मुलाकात होगी, हालांकि उनकी तबीयत अभी खराब है।” इससे पहले 3 हफ्ते पहले भी दोनों नेताओं ने लखनऊ में मुलाकात की थी।
यूपी में तीसरे मोर्चे को लेकर अटकलें क्यों हो रही हैं तेज?
दोनों नेताओं की इस लगातार हो रही मुलाकात के बाद राज्य में दलित, मुस्लिम और ओबीसी (OBC) वोट बैंक को साधने के मकसद से एक नए तीसरे मोर्चे के गठन की अटकलें तेज होती जा रही हैं। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती के कभी करीबी रहे स्वामी प्रसाद मौर्य उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री रहे हैं, जबकि चंद्रशेखर यूपी की नगीना लोकसभा सीट से सांसद हैं। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के बाद राज्य में छोटे-छोटे दलों के साथ नए सियासी गठबंधन के कयास शुरू हो गए हैं। कहा यह भी जा रहा है कि इस तीसरे मोर्चे के लिए एआईएमआईएम (AIMIM) के नेता असदुद्दीन ओवैसी को भी साथ लिया जा सकता है।
‘बीजेपी को हराने के लिए किसी से भी करेंगे गठबंधन’
सांसद चंद्रशेखर ने चुनाव से पहले गठबंधन के सवाल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “हमारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हराने के लिए किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन कर सकती है।” उनका यह बयान इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले समय में यूपी की राजनीति में कई बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।
राम मंदिर चंदा विवाद: SIT जांच से असंतुष्ट, CBI जांच की मांग
अयोध्या में राम मंदिर प्रकरण पर उठे विवाद पर भी चंद्रशेखर ने सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मैं चंदा चोरी मामले में SIT की जांच से संतुष्ट नहीं हूं। SIT राज्य सरकार के अधीन है और वह सही तरीके से जांच नहीं कर सकती। अपनी सरकार बनी तो मैं एक-एक रुपये का हिसाब लूंगा।” इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में चीफ जस्टिस की निगरानी वाली सीबीआई (CBI) जांच पर ही भरोसा जताया।
ओबीसी के बड़े नेता माने जाते हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
स्वामी प्रसाद मौर्य अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आते हैं और इस वर्ग के बड़े नेता के रूप में शुमार किए जाते हैं। अपनी नई पार्टी बनाने से पहले वे लोक दल, जनता दल, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी), भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और समाजवादी पार्टी (सपा) जैसे सभी प्रमुख दलों में रह चुके हैं। करीब 2 साल पहले उन्होंने ‘राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी’ (RSSP) की स्थापना की थी। हालांकि, कुछ ही समय बाद उन्होंने पार्टी का नाम बदलकर ‘अपनी जनता पार्टी’ (AJP) कर लिया था।
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