उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। मौढ़ा तैय्या गांव की निवासी सीमा और उसके 10 वर्षीय बेटे अंकुश की हत्या किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि महिला के पति जसराम और देवर जयराम ने मिलकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे मकान के बकाया 3 लाख रुपये के सौदे का विवाद और चरित्र पर शक जैसी वजहें सामने आई हैं।
👣 वारदात का खौफनाक सिलसिला: मां को मारकर भतीजे को भी बनाया शिकार
योजना के मुताबिक, देवर जयराम ने सीमा और उसके बेटे को अगवानपुर से बाइक पर बैठाया। रास्ते में उसने मासूम अंकुश को एक पेट्रोल पंप पर छोड़ दिया और सीमा को सुनसान खेत की तरफ ले गया, जहां पति जसराम पहले से ही हथियार लेकर घात लगाए बैठा था। खेत में पहुंचते ही पति ने सीमा के पैर जकड़ लिए और देवर ने धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। इसके बाद, जयराम वापस पेट्रोल पंप पहुंचा और डर के मारे मासूम अंकुश की भी गला घोंटकर हत्या कर दी, ताकि वह सच न बता सके।
🕵️ पुलिस को उलझाने की शातिर कोशिश
हत्या के बाद दोनों शातिर भाइयों ने शवों को अमरोहा जिले की सीमा के पास फेंक दिया, ताकि दो अलग-अलग जिलों की पुलिस सीमा विवाद में उलझ जाए और वे बच सकें। पहचान मिटाने के लिए उन्होंने शवों पर पेट्रोल छिड़ककर उनके चेहरों को भी बुरी तरह झुलसा दिया था। हालांकि, उनकी यह योजना नाकाम रही।
📹 सीसीटीवी फुटेज से बेनकाब हुए कातिल
पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की और पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तो उसमें जयराम बच्चे को ले जाते हुए साफ नजर आ गया। इस तकनीकी सबूत ने पुलिस के लिए रास्ता आसान कर दिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर जयराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया।
🕯️ पिता का दर्द और न्याय की मांग
मृतका के पिता मन्नू चौहान, जो देवरिया से मुरादाबाद पहुंचे थे, अपनी बेटी और नाती के झुलसे हुए शवों को देख टूट पड़े। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी का विवाह बड़े अरमानों के साथ किया था, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उसे ऐसा धोखा मिलेगा। दुखी पिता ने मुरादाबाद के रामगंगा तट पर ही अपनी बेटी और नाती का अंतिम संस्कार किया।
⚖️ सलाखों के पीछे पहुंचे कातिल
पाकबड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देवर जयराम और मुख्य आरोपी पति जसराम को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों हत्यारों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में मजबूत चार्जशीट तैयार कर रही है ताकि आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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