CJP Protest Live: CJP नेता आशुतोष रांका की केंद्र को चेतावनी- ‘मांगें नहीं मानीं तो युवा बुरी तरह हरा देंगे’
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने बुधवार को केंद्र सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चल रहे विरोध प्रदर्शन (Protest) की मांगों को पूरा करने में नाकाम रहती है, तो देश के युवा उन्हें “बहुत बुरी तरह हरा देंगे।” रांका ने 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन को महज़ एक “ट्रेलर” करार दिया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में चल रहा यह विरोध प्रदर्शन “आज़ादी के बाद के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन” है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो आने वाले दिनों में लाखों और लोग दिल्ली की सड़कों पर उतर सकते हैं।
’20 तारीख तो ट्रेलर था, हम पीछे नहीं हटेंगे’
आंदोलन की गंभीरता पर बात करते हुए आशुतोष रांका ने कहा, “यह भारत के आज़ादी के बाद के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन है। हमने यह बात बिल्कुल साफ़ कर दी है कि 20 तारीख को जो हुआ वह सिर्फ एक ट्रेलर था। अगर सरकार नहीं मानती है, तो लाखों और लोग दिल्ली आएंगे, क्योंकि इस बार हम पीछे नहीं हटेंगे और न ही चुप बैठेंगे। सरकार को सच में ठीक से काम करने की ज़रूरत है, वरना इस देश के युवा उन्हें बहुत बुरी तरह हरा देंगे।”
‘पुलिस ने शांतिपूर्ण छात्रों पर किया बल प्रयोग’
प्रदर्शनकारियों के “शांतिपूर्ण” न होने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए रांका ने कहा कि 20 जुलाई का मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा छात्रों पर बल प्रयोग करने के बाद ही मौके पर अफ़रा-तफ़री मची। उन्होंने कहा, “सरकार एक कहानी बनाने की कोशिश कर रही है कि हम शांतिपूर्ण नहीं रहेंगे, लेकिन हम पूरी तरह से शांतिपूर्ण हैं। अफ़रा-तफ़री सिर्फ़ उस जगह पर हुई जहां पुलिस ने बेरहमी दिखाई और स्टूडेंट्स को पीटा। युवा पिछले 31 दिनों से यहां शांति से बैठे हैं, क्योंकि हम गांधी और अंबेडकर के सिद्धांतों को मानते हैं।”
‘हम UAPA और NSA के तहत भी गिरफ्तार होने को तैयार हैं’
एफआईआर (FIR) के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए रांका ने कहा कि वे भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं होने देंगे, और इस आश्वासन के बिना यह आंदोलन खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हमारी मांग बहुत स्पष्ट है, और अभिजीत दिपके ने भी इस बारे में बात की थी। हम किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होने देंगे। जहां तक हमारी लीडरशिप का सवाल है, हम किसी भी FIR से नहीं डरते हैं। हम पहले दिन से ही UAPA और NSA के तहत गिरफ्तार होने को तैयार हैं। हमारी इस लड़ाई के लिए जेल जाना एक बहुत छोटी कीमत है।”
‘राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील, संसद में भी गूंजेगा मुद्दा’
आंदोलन के समर्थन में सभी राजनीतिक पार्टियों से एकजुट होने की अपील करते हुए रांका ने कहा कि प्रदर्शनकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित किसी भी दल के सदस्यों का स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा, “चाहे कोई भी राजनीतिक पार्टी हो, भले ही वे बीजेपी के लोग हों, उन्हें एक साथ आना चाहिए क्योंकि यह एक बहुत बड़ा आंदोलन है और हमारी मांगें बिल्कुल सच्ची हैं। हम उन सभी का खुले दिल से स्वागत करते हैं।”
इस बीच, नीट-यूजी (NEET UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में विपक्षी सांसद (MPs) बुधवार को संसद के मकर द्वार के बाहर प्रदर्शन करेंगे। सुबह 10:30 बजे प्रस्तावित इस विरोध प्रदर्शन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की जाएगी।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.