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इस्तीफे के बाद संसद पहुंचे धर्मेंद्र प्रधान, मकर द्वार पर NDA सांसदों ने लगाए ‘प्रधान जिंदाबाद’ के नारे

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पिछले हफ्ते छात्रों के जोरदार और राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान जब सोमवार को संसद भवन पहुंचे, तो मकर द्वार पर एनडीए (NDA) सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान बीजेपी सांसदों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की और ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए। केंद्रीय मंत्रिमंडल और मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार सार्वजनिक तौर पर किसी बड़े राजनीतिक मंच पर दिखाई दिए।

🏛️ मकर द्वार पर प्रियंका गांधी समेत विपक्षी सांसदों का जोरदार प्रदर्शन, अमित शाह के इस्तीफे की मांग

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आज जब संसद की कार्यवाही शुरू हुई, तो मकर द्वार के समीप ही कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई प्रमुख सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विपक्षी सांसद जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) की अगुवाई में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान 20 जुलाई को हुई घटना के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जवाबदेही तय करने और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैंने सुना है कि बिहार और बंगाल में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ अभी भी एफआईआर (FIR) दर्ज की जा रही हैं। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अगर ऐसा है तो फिर इस इस्तीफे का क्या फायदा?”

📜 हंगामे के बीच पेपर लीक कानून संशोधन बिल पेश होने की संभावना, दोनों सदन 12 बजे तक स्थगित

इस बीच, पेपर लीक कानून में संशोधन से जुड़ा नया और कड़ा विधेयक (Paper Leak Amendment Bill) लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही सुबह 11 बजे जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों के भारी हंगामे और नारेबाजी की वजह से सुचारू रूप से नहीं चल सकी। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।

🤝 सीजेपी (CJP) का आंदोलन हुआ खत्म, धर्मेंद्र प्रधान ने कहा—’छात्रों के भविष्य के लिए दिया इस्तीफा’

उल्लेखनीय है कि धर्मेंद्र प्रधान ने पिछले हफ्ते शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के तुरंत बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना जारी आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इस्तीफे के कुछ ही देर बाद केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की सफल वार्ता हुई, जिसमें आंदोलन खत्म करने पर सहमति बनी।

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए लिखा था कि जंतर-मंतर और देश भर में जो स्थिति बनी है, उसका देशविरोधी ताकतें अनुचित लाभ न उठा सकें और देश की अखंडता बनी रहे, इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ा है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और बच्चे अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें, इसलिए उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपा।

💬 राहुल गांधी ने बताया ‘युवाओं की जीत’, पूर्व शिक्षा मंत्री मुरली मनोहर जोशी बोले—’देर आए दुरुस्त आए’

प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस समेत सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने इस पर खुशी व्यक्त की और इसे देश के युवाओं की ऐतिहासिक जीत करार दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधान भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था को तबाह करने के प्रतीक बन चुके थे, अच्छा हुआ कि उन्होंने पद छोड़ दिया।

वहीं, पूर्व शिक्षा मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों को उनके आंदोलन के शांतिपूर्ण एवं सफल समापन के लिए बधाई दी। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘देर आए दुरुस्त आए’।

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