पटना (बिहार): बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए सुबह सात बजे से ही मतदान शांतिपूर्ण एवं उत्साहजनक माहौल में जारी है।
हालांकि, मतदान प्रक्रिया के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान कराए जाने की आशंका जताते हुए चुनाव आयोग और स्थानीय रिटर्निंग ऑफिसर को औपचारिक पत्र सौंपा है। बीजेपी नेता नितिन अभिषेक द्वारा लिखे गए इस पत्र में मतदान केंद्रों पर मतदाता सत्यापन (EPIC ID और आधिकारिक वोटर लिस्ट का मिलान) नियमों को बेहद सख्ती के साथ लागू करने की पुरजोर मांग की गई है।
📜 रिटर्निंग ऑफिसर को लिखा गया पत्र: “जन सुराज के कार्यकर्ता निष्पक्ष चुनाव में पहुंचा रहे बाधा”
रिटर्निंग ऑफिसर को भेजे गए पत्र में बीजेपी नेता नितिन अभिषेक ने लिखा, “हमारे संज्ञान में आया है कि ‘जन सुराज पार्टी’ से जुड़े प्रतिनिधि और असामाजिक कार्यकर्ता फर्जी वोटिंग कराकर मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।
इस प्रकार की असंवैधानिक हरकतें लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों को कमजोर करती हैं तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता के पूरी तरह खिलाफ हैं।” पत्र में चुनाव आयोग से आग्रह किया गया है कि हर एक मतदाता के लिए अपना मूल मतदाता पहचान पत्र (EPIC Card) दिखाना और वोटर लिस्ट से पहचान का कड़ाई से मिलान करवाना अनिवार्य किया जाए।
💥 किदवईपुरी में बीजेपी और जन सुराज कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक, पुलिस ने संभाला मोर्चा
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान जारी गहमागहमी के बीच किदवईपुरी स्थित एक संवेदनशील मतदान केंद्र के बाहर बीजेपी और जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक तीखी झड़प हो गई।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में जोरदार कहासुनी और धक्का-मुक्की होने लगी। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर तैनात पुलिस बल ने तुरंत बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस घटना के बाद से संबंधित इलाके में राजनीतिक तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
🏛️ 30 साल से बीजेपी का अभेद्य किला रही है बांकीपुर सीट, इस बार नीरज सिन्हा और जन सुराज में टक्कर
उल्लेखनीय है कि बांकीपुर बिहार की एक बेहद हाई-प्रोफाइल और प्रतिष्ठित विधानसभा सीट मानी जाती है।
यह सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नबीन के विधानसभा से इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। इस उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी नीरज सिन्हा और जन सुराज पार्टी (प्रशांत किशोर समर्थित) के उम्मीदवार के बीच मुख्य व कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यदि इस क्षेत्र के सियासी इतिहास पर नजर डालें, तो पिछले तीन दशकों से इस सीट पर बीजेपी का एकछत्र कब्जा रहा है।
साल 1995 में इस सीट से पहली बार नितिन नबीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा ने बीजेपी के टिकट पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इसके बाद से बीजेपी को यहाँ कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा। नवीन किशोर सिन्हा लगातार चार बार यहाँ से विधायक चुने गए थे। दिसंबर 2005 में उनके असमय निधन के बाद, अप्रैल 2006 में हुए उपचुनाव में उनके बेटे नितिन नबीन पहली बार विधायक बनकर बिहार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद से लगातार नितिन नबीन इस सीट से भारी अंतर से जीत हासिल करते रहे हैं।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.