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देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— “सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ का गबन”

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मुंबई (महाराष्ट्र): देश में पिछले कुछ समय से अयोध्या के राम मंदिर और उत्तराखंड के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में हुई कथित गड़बड़ियों का मुद्दा गरमाया हुआ है।

इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने एक सनसनीखेज दावा करके महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। राज ठाकरे ने दावा किया है कि मुंबई के विश्व प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर की दान पेटी से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया जा रहा है।

🏛️ मनसे छात्र इकाई के कार्यक्रम में बरसे राज ठाकरे, कहा— “मंदिर भी अब भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं”

राज ठाकरे ने शनिवार को मुंबई में मनसे की छात्र इकाई के 20वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सिद्धिविनायक मंदिर के दान पात्र से हुई कथित चोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने तीखे लहजे में कहा कि, “आज के दौर में हमारे पवित्र मंदिर भी भ्रष्टाचार और चोरी से अछूते नहीं रहे हैं। देश का हताश और परेशान युवा शांति की तलाश में मंदिरों का रुख करता है, लेकिन वहां भी इस प्रकार की आर्थिक अनियमितताएं और गबन के मामले सामने आ रहे हैं।”

🛕 “अयोध्या राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई”, राज ठाकरे का केंद्र और भाजपा पर हमला

सिद्धिविनायक मंदिर के साथ-साथ राज ठाकरे ने अयोध्या राम मंदिर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां लगभग 1,400 करोड़ रुपये के चढ़ावे की हेराफेरी हुई है।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि इस इतने बड़े मुद्दे पर सत्ता पक्ष के सभी शीर्ष नेता पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर निर्माण के समय अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस कथित चोरी के विषय में एक शब्द नहीं कहा है।

✉️ उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ट्रस्टियों ने लिखा पत्र, मंदिर के कुछ कर्मचारी पाए गए चोरी में शामिल

अपने दावों के समर्थन में राज ठाकरे ने बताया कि सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के आठ न्यासियों (Trustees) ने महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को औपचारिक पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राज ठाकरे ने उस पत्र का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्टियों की मुस्तैदी के कारण दान पेटी से नकद राशि चुराने वाले मंदिर के कुछ कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा गया था। इन भ्रष्ट कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद मंदिर के दैनिक दान संग्रह में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। पत्र के अनुसार प्रतिवर्ष लगभग 18 करोड़ रुपये की लूट हो रही थी, जिसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच होनी चाहिए।

🛡️ सिद्धिविनायक ट्रस्ट अध्यक्ष सदा सर्वंकर का पलटवार: “18 करोड़ का कोई घोटाला नहीं, राज ठाकरे ने निकाला गलत अर्थ”

दूसरी ओर, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के वरिष्ठ नेता सदा सर्वंकर ने राज ठाकरे द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज और बेबुनियाद करार दिया है।

सदा सर्वंकर ने स्पष्ट किया कि राज ठाकरे ने ट्रस्टियों के पत्र का गलत अर्थ निकाला है। 18 करोड़ रुपये के किसी घोटाले की शिकायत नहीं थी। उन्होंने बताया कि, “जब हमें कुछ कर्मचारियों द्वारा दान में अनियमितता बरतने की भनक लगी, तो हमने तत्काल सख्त कदम उठाते हुए 9 कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की।”

सर्वंकर ने आगे कहा कि भक्तों से वीआईपी (VIP) दर्शन कराने के नाम पर पैसे ऐंठने वाले कर्मियों पर भी केस दर्ज कराए गए हैं। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि मंदिर प्रबंधन में लाए गए पारदर्शी सुधारों के कारण पिछले दो वर्षों में मंदिर की वार्षिक आय 114 करोड़ रुपये से बढ़कर 182 करोड़ रुपये हो चुकी है।

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