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भिवानी की शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत को बीता 1 साल, इंसाफ के इंतजार में ग्रामीण और पीड़ित परिवार

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भिवानी (हरियाणा): हरियाणा के भिवानी जिले अंतर्गत सिंघानी गांव के खेतों में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई अध्यापिका मनीषा की दुखद मृत्यु को आज पूरा एक वर्ष व्यतीत हो चुका है।

तथापि, इतने लंबे अंतराल के बाद भी सत्य और न्याय की प्रतीक्षा समाप्त नहीं हुई है। मनीषा की वास्तविक मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई और इस दुखद घटना का उत्तरदायी कौन था—इन यक्ष प्रश्नों का उत्तर प्राप्त करने हेतु पीड़ित परिजन और क्षेत्रीय ग्रामीण आज भी निरंतर संघर्षरत हैं।

🕯️ पहली बरसी पर गांव ढाणी लक्ष्मण में भावुक शोक सभा, भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि

शिक्षिका मनीषा की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर आज उनके पैतृक गांव ‘ढाणी लक्ष्मण’ में एक अत्यंत भावुक शोक सभा का आयोजन किया गया है।

इस श्रद्धांजलि सभा में भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक एकत्र हुए और दिवंगत मनीषा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में मनीषा के परिवार को अतिशीघ्र न्याय दिलाने की मांग दोहराई।

⚖️ 3 बार कराया गया पोस्टमार्टम, परिजनों का कड़ा विरोध और विशाल जनाक्रोश

उल्लेखनीय है कि मनीषा का शव बरामद होने के प्रथम दिन से ही स्थानीय निवासियों व परिजनों द्वारा हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही थी।

निष्पक्ष न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन किया, मुख्य मार्गों को अवरुद्ध किया तथा पुलिस-प्रशासन की शिथिलता के विरुद्ध तीव्र आक्रोश व्यक्त किया था। मामले की संवेदनशीलता और जन-दबाव को देखते हुए मनीषा के शव का एक नहीं, अपितु तीन-तीन बार अलग-अलग मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया, किंतु परिस्थितियां पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी थीं।

🔍 14 अगस्त को अदालत में जांच रिपोर्ट दाखिल करेगी CBI, पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकीं

स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक जांच से असंतुष्ट परिजनों और व्यापक जनाक्रोश के पश्चात हरियाणा सरकार ने इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी थी।

प्राप्त प्रामाणिक सूत्रों के अनुसार, सीबीआई अब इस चर्चित प्रकरण में आगामी 14 अगस्त को सक्षम अदालत के समक्ष अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट (Status Report) दाखिल करने जा रही है। विगत एक वर्ष से मानसिक संताप झेल रहे पीड़ित परिवार और संपूर्ण प्रदेश की निगाहें अब 14 अगस्त को आने वाली सीबीआई रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह रहस्य उजागर हो सकेगा कि उस दिन मनीषा के साथ वास्तव में क्या घटित हुआ था।

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