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भिलाई के चरोदा पीपी यार्ड में आधी रात CBI का बड़ा छापा, सीनियर DME के दफ्तर में मचा हड़कंप

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दुर्ग / भिलाई (छत्तीसगढ़): रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत भिलाई स्थित चरोदा पीपी (PP) यार्ड में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और गोपनीय कार्रवाई को अंजाम दिया है।

एक वरिष्ठ रेलवे अधिकारी के खिलाफ ठेकेदारों के भुगतान (रनिंग बिल) पास करने के एवज में मोटी रिश्वत/कमीशन मांगने की पुख्ता शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की विशेष टीम ने गुरुवार देर रात चरोदा स्थित पीपी यार्ड में अचानक दबिश दी। सीबीआई की जांच टीम सीनियर डीएमई (Senior DME) अनमोल उइके से सघन पूछताछ कर रही है और उनके कार्यालय में मौजूद तमाम वित्तीय रिकॉर्ड्स व दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।

💼 ठेकेदार से बिल पास करने के बदले कमीशन मांगने की मिली थी गुप्त शिकायत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीनियर डीएमई अनमोल उइके के विरुद्ध दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में लिखित भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि रेलवे में ठेकेदारों के नियमित रनिंग बिलों को स्वीकृत और पास करने के बदले कथित तौर पर भारी कमीशन की मांग की जा रही थी। इस गंभीर शिकायत का संज्ञान लेते हुए दिल्ली से रवाना हुई सीबीआई की विशेष विंग गुरुवार देर रात सीधे भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे यार्ड पहुंची। सूत्रों के अनुसार, करीब 8 से 10 वरिष्ठ अधिकारियों की टीम दिल्ली और छत्तीसगढ़ पासिंग नंबर वाली गाड़ियों में सवार होकर पहुंची और सीधे सीनियर डीएमई के चैंबर को अपने घेरे में ले लिया।

🔒 मुख्य गेट बंद कर पूरी कार्रवाई रखी गई गोपनीय, दस्तावेजों की हो रही जब्ती

सीबीआई की टीम ने इस पूरी रेड को अत्यंत गोपनीय रखा है।

कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए पीपी यार्ड के मुख्य प्रवेश द्वार को पूरी तरह बंद कर दिया गया, जिससे किसी भी अन्य रेल अधिकारी अथवा कर्मचारी को भीतर जाने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। टीम द्वारा कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, टेंडर से जुड़ी फाइलें, पास किए गए पुराने बिलों के वाउचर और कार्यालयीन रजिस्टरों को कब्जे में लेकर उनकी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच जारी रहने के कारण कोई औपचारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।

⚙️ पहले भी विवादों में रहा है चरोदा पीपी यार्ड, पूर्व में भी हो चुकी है सीबीआई जांच

उल्लेखनीय है कि चरोदा स्थित पीपी यार्ड में भारतीय रेलवे के मालगाड़ी वैगनों के मेंटेनेंस (मरम्मत एवं रखरखाव) का वृहद कार्य किया जाता है, जहां करोड़ों रुपये के मेंटेनेंस टेंडर और वर्क ऑर्डर जारी होते हैं।

यह यार्ड पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सीबीआई के निशाने पर रहा है। वर्ष 2023 में भी ठेकेदारों से कमीशनखोरी के आरोपों के तहत यहां सीबीआई ने औचक जांच की थी। इसके अलावा, हाल ही में रायपुर रेल मंडल में खेल कोटे के तहत फर्जी तरीके से नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध वसूली के मामले में भी सीबीआई द्वारा छापे मारे गए थे। एक बार फिर भिलाई में सीबीआई की इस बड़ी कार्रवाई से रेल अधिकारियों और ठेकेदारों में भारी खलबली मच गई है।

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