लखीसराय (बिहार): बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम परिसर में सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के पावन अवसर पर एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा हो गया।
मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं के बीच करंट फैलने की अफवाह के बाद अचानक भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 12 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए हैं। घायलों में कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
🚶♀️ नाग पंचमी और तीसरी सोमवारी पर उमड़ी थी भारी भीड़, बैरिकेडिंग टूटने से बिगड़े हालात
नाग पंचमी और सावन सोमवार का विशेष संयोग होने के कारण सोमवार तड़के से ही मंदिर में भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
श्रद्धालु घंटों से लंबी कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अशोकधाम रेलवे हॉल्ट से मंदिर की ओर आने वाले मुख्य पहुंच मार्ग पर अत्यधिक दबाव के कारण अचानक बांस-बल्ली की बैरिकेडिंग टूट गई, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग जान बचाने के लिए एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।
⚡ बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की अफवाह बनी हादसे की मुख्य वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविवार की रात रास्ते के किनारे एक बिजली का पोल तार समेत झुक गया था।
भीड़ के दबाव में रास्ते पर लगाई गई बांस-बल्ले की बैरिकेडिंग टूटकर बिजली के उस पोल पर जाकर अटक गई, जिससे पोल और अधिक टेढ़ा हो गया। इसी बीच कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच ‘तार टूटने और करंट फैलने’ की भ्रामक अफवाह फैल गई। अफवाह सुनते ही श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई और भगदड़ में कई महिलाएं नीचे दब गईं।
🚑 सदर अस्पताल में घायलों का इलाज जारी, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे में घायल सभी 12 से अधिक श्रद्धालुओं को तत्काल एंबुलेंस व निजी वाहनों से लखीसराय सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। वहीं, मृतकों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🏛️ सुबह से मौके पर मौजूद थे डीएम और एसपी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे को लेकर लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि वे स्वयं सुबह करीब साढ़े तीन बजे से मौके पर मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे अचानक भीड़ का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया और बैरिकेडिंग टूटने से लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। डीएम और एसपी मौके पर कैंप कर स्थिति को नियंत्रित कर रहे हैं। हालांकि, अशोकधाम हॉल्ट से मंदिर तक लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में किए गए सुरक्षा व भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के प्रबंधों पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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