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‘RSS, तालिबान और जैश में कोई फर्क नहीं’: वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद का विवादित बयान; केरल VC की टिप्पणी पर घमासान

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तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली: राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब और गहरा गया है। केरल यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति (VC) डॉ. मोहनन कुन्नुम्मल द्वारा दिए गए एक बयान पर पलटवार करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता और केपीसीसी (KPCC) अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने अत्यंत तीखी और विवादित टिप्पणी की है। हरिप्रसाद ने कहा, “आरएसएस (RSS) पर निशाना बिल्कुल सही है क्योंकि वे न तो वंदे मातरम गाते हैं, न ही राष्ट्रगान गाते हैं और न ही अपने मुख्यालय पर तिरंगा फहराते हैं।” उन्होंने आगे विवादित बयान देते हुए कहा कि “जैश-ए-मोहम्मद, तालिबान और आरएसएस में कोई बुनियादी अंतर नहीं है क्योंकि ये तीनों ही संगठन भारत में कानूनी रूप से पंजीकृत (Registered) नहीं हैं।”

⚖️ सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर FIR के बाद बढ़ा सियासी घमासान

कांग्रेस नेता का यह आक्रामक बयान ऐसे समय में सामने आया है जब वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।

इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेताओं द्वारा वंदे मातरम गाए जाने के दौरान कथित तौर पर बाधा उत्पन्न की गई थी। इसके अतिरिक्त, केरल यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति डॉ. मोहनन कुन्नुम्मल ने भी हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक सार्वजनिक मंच से राष्ट्रीय गीत का विरोध करने वाले तत्वों की कड़ी आलोचना की थी, जिससे इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

🚩 ‘जो अपनी मां को नहीं जानते, वही करते हैं वंदे मातरम का विरोध’: केरल VC का बयान

केरल यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक कुलपति डॉ. मोहनन कुन्नुम्मल ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा युवाओं के लिए आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘संकल्प 2026’ में स्वतंत्रता दिवस का संदेश देते हुए यह टिप्पणी की थी।

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “भारत के संदर्भ में मां का स्थान सर्वोच्च है। यही कारण है कि हम अपनी मातृभूमि को ‘भारत माता’ कहते हैं और श्रद्धापूर्वक ‘वंदे मातरम’ का गान करते हैं। वंदे मातरम इसलिए गाया जाता है क्योंकि यह पावन भारतभूमि हमारी माता है। जो लोग अपनी मां को नहीं जानते और मातृत्व के महत्व को नहीं समझते, केवल वही लोग वंदे मातरम का विरोध करते हैं। जो अपनी मां को जानते हैं, वे सदैव गर्व से वंदे मातरम कहेंगे।”

🇮🇳 ‘विकसित भारत के लिए आदर्श नागरिक तैयार करना परिवारों की जिम्मेदारी’

कुलपति डॉ. कुन्नुम्मल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि भारत माता ने ही आने वाली पीढ़ियों को उनके माता-पिता के संरक्षण में सौंपा है।

उन्होंने कहा कि एक सशक्त और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए बच्चों को अच्छे संस्कार देकर होनहार व आदर्श नागरिक बनाना परिवार के प्रत्येक पुरुष व महिला मुखिया की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि यह दायित्व घर की महिलाओं पर और अधिक लागू होता है, क्योंकि भारतीय सनातन परंपरा में मां ही प्रथम गुरु और मार्गदर्शक होती है।

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