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हरियाणा HSVP का बड़ा तोहफा: ‘विवादों से समाधान योजना 2026’ का ऐलान, 4,924 आवंटियों को 724 करोड़ की भारी छूट

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चंडीगढ़: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने राज्य भर के हजारों प्लॉट धारकों को बड़ी राहत देते हुए ‘विवादों से समाधान योजना 2026’ की आधिकारिक घोषणा की है।

यह विशेष योजना मुख्य रूप से प्लॉट एन्हांसमेंट (Plot Enhancement) से जुड़े लंबे समय से लंबित विवादों के एकमुश्त समाधान (One Time Settlement) का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। इससे उन सभी आवंटियों को भी पुनः लाभ मिलेगा, जो किसी कारणवश प्राधिकरण की पूर्व योजनाओं का फायदा उठाने से वंचित रह गए थे। इस कल्याणकारी योजना के दायरे में प्रदेश के 103 सेक्टरों के लगभग 4,924 लाभार्थी शामिल होंगे, जिन्हें प्राधिकरण कुल मिलाकर 724 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण वित्तीय छूट प्रदान कर रहा है।

📋 आवासीय, ग्रुप हाउसिंग और औद्योगिक प्लॉट धारक होंगे शामिल; ऐसे चेक करें छूट

प्राधिकरण के मुख्य प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ विभिन्न श्रेणियों के आवंटियों को मिलेगा:

  • शामिल संपत्तियां: इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत आवासीय प्लॉटों के आवंटी, फ्लोर-वाइज पंजीकरण, ग्रुप हाउसिंग साइट्स, संस्थागत (Institutional) तथा औद्योगिक (Industrial) प्लॉट धारक शामिल किए गए हैं।

  • पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया: सभी पात्र आवंटी अपने प्लॉट से संबंधित निर्धारित छूट की सटीक राशि देखने के लिए अपनी अधिकृत Plot ID और पासवर्ड का उपयोग कर HSVP के आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं।

  • सहायता व संपर्क: किसी भी तकनीकी समस्या या अतिरिक्त विवरण के लिए आवंटी अपने संबंधित एस्टेट कार्यालय (Estate Office) से सीधे संपर्क कर सकते हैं अथवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन अनुरोध दर्ज करा सकते हैं।

⚠️ 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन का अंतिम अवसर, अनदेखी करने पर प्लॉट जब्ती की चेतावनी

प्राधिकरण ने योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए समय-सीमा निर्धारित करने के साथ ही बकाएदारों को सख्त संदेश भी दिया है:

  • अंतिम तिथि: इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। प्राधिकरण ने सभी पात्र आवंटियों से अपील की है कि वे समय रहते इसका लाभ उठाएं।

  • सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई डिफॉल्टर या बकाएदार आवंटी निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस छूट योजना का लाभ नहीं लेता है, तो संबंधित नियमों और विधिक प्रावधानों के तहत प्लॉट का आवंटन रद्द कर पुनः अधिग्रहण (Re-possession) की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

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