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अमेजन पर CCPA का बड़ा हंटर: ‘राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम पर बेची जा रही थी सामान्य मिठाई, ₹1 लाख का जुर्माना

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नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने ई-कॉमर्स दिग्गज कंपनी अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर ₹1 लाख का आर्थिक जुर्माना लगाया है।

प्राधिकरण ने अमेजन प्लेटफॉर्म पर सामान्य मिठाइयों को ‘श्री राम मंदिर अयोध्या प्रसाद’ के नाम से बेचने की अनुमति देने को गंभीर भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisement) और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला कृत्य करार दिया है। सीसीपीए के अनुसार, इन उत्पादों के विक्रेताओं के पास ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ से नाम या उत्पाद के उपयोग की कोई आधिकारिक अनुमति या प्रामाणिक दस्तावेज नहीं था।

🛕 धार्मिक भावनाओं और उपभोक्ता अधिकारों से खिलवाड़, प्राण प्रतिष्ठा से पहले हुई थी लिस्टिंग

प्राधिकरण ने इस पूरे मामले में समय और धार्मिक संवेदनशीलता को अत्यंत गंभीर माना:

  • करोड़ों उपभोक्ताओं की आस्था: सीसीपीए ने कहा कि ट्रस्ट की वैध अनुमति के बिना मंदिर के नाम पर साधारण मिठाइयां बेचना न केवल उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का खुला उल्लंघन है, बल्कि इससे देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।

  • प्राण प्रतिष्ठा के समय लिस्टिंग: ये भ्रामक उत्पाद 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में आयोजित ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा समारोह से ठीक पहले लिस्ट किए गए थे, जब देश भर में मंदिर के प्रति अभूतपूर्व जन-आस्था का माहौल था।

  • प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी: यद्यपि अमेजन ने स्वयं को केवल एक मध्यस्थ (Intermediary) बताया और नोटिस के बाद लिस्टिंग हटा ली, लेकिन नियामक ने स्पष्ट किया कि इतने बड़े प्लेटफॉर्म को ऐसी भ्रामक लिस्टिंग रोकने के लिए पहले से ही पुख्ता जांच व्यवस्था लागू करनी चाहिए थी।

💰 लाखों की बिक्री और कमीशन पर जुर्माना, 15 दिनों में राशि जमा कराने का आदेश

अमेजन पर जुर्माना लगाने के पीछे के वित्तीय और विधिक आधारों को भी रेखांकित किया गया:

  • भारी बिक्री और मुनाफा: सीसीपीए के अनुसार, संबंधित लिस्टिंग देश भर में डिलीवरी के लिए उपलब्ध थी। इनमें से ‘चंदू ट्रेडिंग कंपनी’ नामक एक अकेले विक्रेता ने ₹25,26,309 की सकल बिक्री की, जिससे अमेजन को भी कमीशन व सेवा शुल्क के रूप में राजस्व प्राप्त हुआ।

  • कानूनी प्रावधान: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी पाते हुए ₹1 लाख का जुर्माना अधिरोपित किया गया।

  • भुगतान की समय-सीमा: नियामक ने कंपनी को 15 कार्यदिवसों के भीतर जुर्माने की यह राशि सीसीपीए के पास जमा करने का सख्त निर्देश दिया है।

🚫 देश के 10 प्रमुख मंदिरों के प्रसाद की लिस्टिंग पर सख्त पाबंदी, बिना अनुमति बिक्री पर रोक

धार्मिक उत्पादों की प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए सीसीपीए ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सत्यापित अनुमति अनिवार्य: अब अमेजन पर किसी भी धार्मिक संस्था या मंदिर से जुड़े प्रसाद, प्रसादम, महाप्रसाद, भोग अथवा संबंधित धार्मिक उत्पादों को तब तक लिस्ट या विज्ञापित नहीं किया जा सकेगा, जब तक कि संबंधित ट्रस्ट से आधिकारिक और सत्यापित अनुमति न ली गई हो।

  • 10 प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल: इस नई व्यवस्था के अंतर्गत श्री राम जन्मभूमि मंदिर (अयोध्या), तिरुमला तिरुपति देवस्थानम, श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री जगन्नाथ मंदिर (पुरी), श्री केदारनाथ धाम, श्री बद्रीनाथ धाम, श्री सोमनाथ मंदिर, श्री द्वारकाधीश मंदिर और श्री महाकालेश्वर मंदिर (उज्जैन) को विशेष रूप से शामिल किया गया है।

🔍 विक्रेता की जानकारी दिखाना अनिवार्य, की-वर्ड आधारित ऑटोमैटिक फिल्टर व्यवस्था होगी लागू

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए नए तकनीकी मानक तय किए गए हैं:

  • विक्रेता का पूरा विवरण: उत्पाद पृष्ठ पर विक्रेता का आधिकारिक नाम, भौतिक पता, ग्राहक सेवा संपर्क और शिकायत निवारण अधिकारी का पूरा विवरण प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा।

  • की-वर्ड फिल्टर सिस्टम: अमेजन द्वारा 28 मई 2026 को प्रस्तावित तकनीकी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है, ताकि संवेदनशील धार्मिक की-वर्ड्स के आधार पर अनधिकृत लिस्टिंग्स की पहचान कर उन्हें तुरंत ब्लॉक किया जा सके।

  • नियामक समीक्षा: सीसीपीए ने स्पष्ट किया है कि तीन से चार महीने के भीतर इस नई निगरानी प्रणाली के क्रियान्वयन और प्रभावशीलता की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

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