सिरसा (हरियाणा): हरियाणा सरकार ने प्रदेश के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए पानी और सीवर के नए व नियमित कनेक्शन की दरों में ऐतिहासिक कटौती करने का निर्णय लिया है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (Public Health Engineering Department), सिरसा के उपमंडल अभियंता (SDO) ने जानकारी दी कि सरकार ने पानी और सीवर कनेक्शन की निर्धारित फीस ₹11,500 से घटाकर मात्र ₹1,550 कर दी है। इस जनहितैषी फैसले से उन हजारों उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा, जो लंबे समय से अवैध कनेक्शन को वैध कराने के लिए उच्च शुल्क के कारण असमर्थ थे।
📋 अवैध कनेक्शन को वैध कराने की प्रक्रिया शुरू, विभाग में जमा करें फाइल
विभाग ने उपभोक्ताओं के लिए कनेक्शन नियमित कराने की प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बना दिया है:
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फाइल तैयार करना: जिन उपभोक्ताओं के घरों या प्रतिष्ठानों में पानी अथवा सीवर के कनेक्शन अवैध हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी फाइल तैयार कर सकते हैं।
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कार्यालय में आवेदन: तैयार फाइल को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के संबंधित उपमंडल कार्यालय में जमा करना होगा।
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निर्धारित शुल्क: मात्र ₹1,550 की नई निर्धारित सरकारी फीस जमा करने के उपरांत विभाग द्वारा कनेक्शन को आधिकारिक रूप से वैध व मंजूर कर दिया जाएगा।
💰 ₹11,500 की जगह अब सिर्फ ₹1,550 शुल्क, उपभोक्ताओं की जेब पर कम हुआ भार
फीस में की गई इस बड़ी कटौती के मुख्य लाभ और उद्देश्य इस प्रकार हैं:
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सीधी बचत: पहले पानी और सीवर कनेक्शन नियमित कराने के लिए उपभोक्ताओं को ₹11,500 तक का भारी-भरकम शुल्क चुकाना पड़ता था, जिसमें अब लगभग ₹10,000 की सीधी छूट मिल रही है।
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भविष्य की कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा: कनेक्शन वैध होने के बाद उपभोक्ताओं को विभाग की ओर से लगने वाले जुर्माने, पेनल्टी या कनेक्शन काटे जाने के डर से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
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विभागीय रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन: इस योजना के जरिए विभाग को अपने क्षेत्र के सभी सक्रिय कनेक्शनों का सटीक डेटा और रिकॉर्ड अपडेट करने में मदद मिलेगी।
📢 जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की अपील: योजना का तुरंत लाभ उठाएं उपभोक्ता
विभाग ने सभी क्षेत्रवासियों से आगे आकर इस सरकारी योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है:
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समय पर नियमतीकरण: विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने अवैध पानी और सीवरेज कनेक्शनों को तुरंत नियमित करवाएं।
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सुगम व्यवस्था: उपमंडल अभियंता ने स्पष्ट किया कि कार्यालय स्तर पर फाइलों के त्वरित निपटारे के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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