उज्जैन में स्वाइन फ्लू की दस्तक: 60 वर्षीय महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल; जानें H1N1 के लक्षण
उज्जैन (मध्य प्रदेश): बारिश के मौसम के बीच मध्य प्रदेश में एक बार फिर स्वाइन फ्लू (H1N1) वायरस ने अपनी दस्तक दे दी है। ताजा मामला धार्मिक नगरी उज्जैन से सामने आया है, जहां शहर के ऋषि नगर की रहने वाली 60 वर्षीया महिला सरोज नागर की संक्रमण के चलते मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, 30 जुलाई को अहमदाबाद की एक प्रतिष्ठित लैब में हुई जांच में स्वाइन फ्लू संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि हुई थी। इसके अतिरिक्त उन्हें पूर्व से कोई अन्य गंभीर बीमारी नहीं थी। संक्रमण की पुष्टि के बाद उन्हें इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 16 दिनों तक उनका सघन इलाज चला। अस्पताल से डिस्चार्ज कर उज्जैन घर लाए जाने के महज एक घंटे बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
⚠️ परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप
महिला की मृत्यु के बाद शोकाकुल परिजनों ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य महकमे पर उपेक्षा का आरोप लगाया है:
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स्क्रीनिंग का अभाव: परिजनों का आरोप है कि स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के अन्य सदस्यों की समुचित स्वास्थ्य जांच या स्क्रीनिंग नहीं कराई।
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दवा व दिशा-निर्देश नहीं: विभाग की ओर से परिवार को संक्रमण से बचाव के लिए कोई विशेष गाइडलाइंस जारी नहीं की गईं, केवल आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने घर आकर सदस्यों की सामान्य सूची तैयार की।
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उपचार का घटनाक्रम: परिजनों ने बताया कि 27 जुलाई को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ, सर्दी और तेज खांसी के बाद उज्जैन के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां से भेजे गए सैंपल की 31 जुलाई को आई रिपोर्ट में ‘इन्फ्लूएंजा A’ और ‘H1N1’ वायरस पाया गया। 3 अगस्त को स्थिति बिगड़ने पर इंदौर रेफर किया गया था।
🩺 CMHO का बयान: 28 घरों के 104 लोगों की स्क्रीनिंग, सभी रिपोर्ट नेगेटिव
स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है:
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इलाके में सर्वे: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अशोक कुमार पटेल ने बताया कि सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने संबंधित क्षेत्र में त्वरित सर्वे कराया।
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जांच रिपोर्ट: प्रभावित क्षेत्र के लगभग 28 घरों के 104 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, राहत की बात यह है कि किसी अन्य व्यक्ति में फ्लू के लक्षण या संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।
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अन्य कारण: CMHO के अनुसार महिला के निवास के निकट नाला और सुअरों का आवागमन है। साथ ही उन्हें डायबिटीज सहित कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं, इसलिए मौत का प्राथमिक कारण स्वाइन फ्लू ही था या अन्य जटिलताएं, इसकी गहन जांच की जा रही है।
🛡️ स्वाइन फ्लू से बचाव: अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वर्ष 2009 में महामारी घोषित किया गया स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा परिवार का संक्रामक वायरस है:
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भीड़भाड़ से दूरी: मौसमी बीमारियों के दौर में अत्यधिक भीड़भाड़, जलभराव और गंदगी वाले स्थानों पर जाने से बचें।
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हाथों की स्वच्छता: नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का उपयोग करें।
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चिकित्सकीय परामर्श: फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर घर पर स्वयं दवा लेने (Self-Medication) के बजाय तुरंत योग्य चिकित्सक से संपर्क करें।
🌡️ स्वाइन फ्लू (H1N1) के प्रमुख लक्षण
वायरस के संपर्क में आने के लगभग 1 से 4 दिनों के भीतर मरीज में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने लगते हैं:
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तेज बुखार (कुछ मामलों में बिना बुखार के भी संक्रमण संभव)
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मांसपेशियों में तेज खिंचाव और पूरे शरीर में दर्द
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अत्यधिक ठंड लगना, कंपकंपी और पसीना आना
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लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी और गले में तेज खराश
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नाक बहना या बंद नाक की समस्या
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आंखों का लाल होना, आंखों में चुभन व पानी आना
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सिर में लगातार भारीपन व तेज सिरदर्द
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अत्यधिक शारीरिक कमजोरी और लगातार थकान महसूस होना
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पेट में मरोड़ के साथ दस्त (डायरिया) की शिकायत
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जी मिचलाना और उल्टी आना (यह लक्षण वयस्कों की तुलना में बच्चों में अधिक देखा जाता है)

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