भिंड (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित चंबल नदी के पुल पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक पुल की सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाली) से लटक गया और नदी में कूदने की धमकी देने लगा।
अटेर और जैतपुरा को जोड़ने वाले इस अंतरराज्यीय पुल पर युवक के खतरनाक कदम को देख दोनों ओर लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश, दोनों राज्यों की पुलिस मौके पर पहुंची। युवक की पहचान नखनौली मड़ैया गांव (अटेर) निवासी गोलू पुरवंशी के रूप में हुई है, जो दुष्कर्म और अपहरण के एक मामले में जमानत पर बाहर आया हुआ है।
👶 ‘मेरी नवजात बेटी मुझे सौंपो’: जेल से छूटने के बाद प्रेमिका के परिजनों से की थी मिन्नतें
विवाद और घटना की पृष्ठभूमि:
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जेल से रिहाई के बाद पता चली बात: युवक अपनी पूर्व प्रेमिका के अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने पर उसे जानकारी मिली कि युवती ने एक बच्ची को जन्म दिया है।
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हक की मांग: युवक ने प्रेमिका के परिजनों से संपर्क कर नवजात बच्ची के पिता होने का दावा किया और बच्ची को खुद को सौंपने की गुहार लगाई।
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परिजनों का इनकार: युवती के परिजनों द्वारा उसकी मांग ठुकराए जाने और मिन्नतें अनसुनी किए जाने के बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठाने का फैसला किया।
👮 1 घंटे तक सांसें अटकाने वाली समझाइश, दोनों राज्यों की पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
रेस्क्यू ऑपरेशन और पुलिस का एक्शन:
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सहम गए राहगीर: पुल की जाली के बाहरी हिस्से पर लटके युवक को देख राहगीरों ने तुरंत स्थानीय थाने को सूचित किया, जिसके बाद एमपी और यूपी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ पहुंचे।
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लगातार काउंसलिंग: युवक चीख-चीख कर अपनी संतान की मांग कर रहा था, जबकि पुलिसकर्मी उसे लगातार शांत कराने और कानूनी मदद का भरोसा दिलाने में जुटे रहे।
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सुरक्षित निकाला बाहर: लगभग एक घंटे तक चली कड़ी मशक्कत और बातचीत के बाद युवक को समझा-बुझाकर जाली से सुरक्षित ऊपर खींच लिया गया।
⚖️ अटेर थाना प्रभारी बोले: ‘विधिक प्रक्रिया में लगता है समय, युवक को घर भेजा गया’
प्रशासनिक बयान और वर्तमान स्थिति:
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थाना प्रभारी का बयान: अटेर थाना प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही यूपी पुलिस के सहयोग से संयुक्त रेस्क्यू किया गया।
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कानूनी समझाइश: युवक को समझाया गया कि संतान के संरक्षण और पारिवारिक विवादों के निपटारे में विधिक प्रक्रिया (Legal Procedure) का पालन अनिवार्य होता है, जिसमें थोड़ा समय लगता है।
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प्राथमिक उपचार: जाली से लटकने के दौरान युवक के पैर में हल्की चोटें आई थीं, जिसे प्राथमिक उपचार और परिजनों की मौजूदगी में समझाइश देने के बाद सुरक्षित घर भेज दिया गया है।
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