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बारिश से बेहाल गुरुग्राम: जलभराव के स्थायी समाधान के लिए MCG और IIT गांधीनगर की बैठक, 4 प्रमुख इलाकों में बनेंगे वाटर इंजेक्शन वेल

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गुरुग्राम (हरियाणा): सोमवार को शहर में हुई मूसलाधार बारिश के बाद पूरा गुरुग्राम भीषण जलभराव और जाम की समस्या से जूझ रहा है। बारिश बंद होने के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद कई मुख्य मार्गों और रिहायशी कॉलोनियों में पानी भरा हुआ है। कागजी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर ने मिलेनियम सिटी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है, जिससे लोग जाम से बचने के लिए घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। फजीहत के बाद नगर निगम (MCG) और प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए हैं।

💻 IIT गांधीनगर के विशेषज्ञों के साथ MCG की वर्चुअल बैठक: स्थायी समाधान पर मंथन

तकनीकी साझेदारी और प्रशासनिक समन्वय:

  • विशेषज्ञों का सहयोग: नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने आईआईटी गांधीनगर के प्रोफेसर उदित भाटिया और प्रोफेसर विवेक कपाड़िया के साथ उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक की।

  • अधिकारियों व पार्षदों की मौजूदगी: बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, रविन्द्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव, अनूप सिंह सहित जीएमडीए (GMDA) और एमसीजी के वरिष्ठ अभियंता उपस्थित रहे।

  • समस्या का स्थायी हल: बैठक में शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में तात्कालिक जलनिकासी के बजाय आधुनिक इंजीनियरिंग और तकनीकी समाधान लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

📍 प्रथम चरण में 4 प्रमुख हॉटस्पॉट चिन्हित: आधुनिक तकनीक से होगी निकासी

योजना के तहत प्राथमिकता वाले क्षेत्र:

  • चिन्हित इलाके: प्रथम चरण में सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

  • वाटर इंजेक्शन वेल: इन क्षेत्रों में 48 लीटर प्रति सेकंड से लेकर 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता वाले उच्च क्षमता के वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित किए जाएंगे।

  • अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक: अतिरिक्त वर्षा जल को तुरंत समाहित करने के लिए भूमिगत जल भंडारण टैंक बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

⏳ 1 वर्ष की समय-सीमा निर्धारित, सामान्य से 3 गुना अधिक बारिश झेलने की होगी क्षमता

परियोजना के मुख्य लक्ष्य और लाभ:

  • समयबद्ध कार्य: निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने सभी संबंधित तकनीकी अधिकारियों को 1 वर्ष की समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

  • दीर्घकालिक क्षमता: आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकसित किया जाने वाला नया ड्रेनेज सिस्टम सामान्य से 3 गुना अधिक वर्षा जल को संभालने में सक्षम होगा।

  • ग्राउंड वाटर रिचार्ज: इस तकनीकी मॉडल से संवेदनशील इलाकों में जलभराव खत्म होने के साथ-साथ भूजल स्तर (Ground Water Recharge) में सुधार होगा और पारंपरिक नालों पर दबाव कम होगा।

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