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नेपाल-चीन सीमा पर बाढ़ से तबाही: 200 भारतीय तिब्बत में फंसे, 288 से संपर्क टूटा; विदेश मंत्रालय ने दी राहत कार्यों की जानकारी

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नई दिल्ली / काठमांडू: विदेश मंत्रालय (MEA) ने नेपाल-चीन सीमावर्ती क्षेत्र में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत सरकार प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा और खोजबीन के लिए नेपाली अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से वार्ता कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और भारत की ओर से हर संभव मानवीय सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।

मंत्रालय के अनुसार, करीब 200 भारतीय नागरिक सीमा के चीनी (तिब्बत) हिस्से में फंसे हुए हैं और उन्होंने सहायता मांगी है, जबकि 288 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। राहत अभियानों के तहत अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

⚠️ ईशा फाउंडेशन दल समेत 288 भारतीयों से संपर्क टूटा: ये प्रमुख समूह हैं शामिल

लापता व फंसे हुए प्रमुख भारतीय समूहों का विवरण:

  • ईशा फाउंडेशन ग्रुप: आपदा प्रभावित क्षेत्र में गया ईशा फाउंडेशन का दल भी उन लोगों में शामिल है, जिनसे अभी तक संपर्क स्थापित नहीं हो सका है।

  • त्रिशूली-1 पावर प्रोजेक्ट: त्रिशूली-1 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट पर कार्यरत 73 भारतीय कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पाया है।

  • तमिलनाडु के टूरिस्ट ग्रुप: तमिलनाडु के 37 और 49 पर्यटकों के दो अलग-अलग दल (सम्राट व फ्लाई एवरेस्ट ट्रैवल्स) से संपर्क टूटा हुआ है।

  • पश्चिम बंगाल व अन्य राज्यों के दल: पश्चिम बंगाल के 32 नागरिकों का समूह (रसुवा जिला), रिचा टूर्स के माध्यम से गए विभिन्न राज्यों के 61 नागरिक तथा केरल के 33 पर्यटकों का समूह भी लापता सूची में शामिल है।

🚁 21 भारतीयों का हुआ सुरक्षित रेस्क्यू: नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 पहुंची

राहत व बचाव अभियान की स्थिति:

  • सफल रेस्क्यू: संयुक्त बचाव दलों ने अब तक 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है।

  • भीषण जनहानि: नेपाल में आई इस भीषण आपदा में अब तक मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 270 हो गई है, जबकि हजारों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

  • राहत सामग्री रवाना: भारत सरकार द्वारा नेपाल के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं और राहत सामग्री भेजी जा चुकी है।

🚨 भोटेकोशी नदी में भूस्खलन से आई प्रलयंकारी बाढ़: तीन जिलों में भारी तबाही

आपदा का कारण और प्रभावित जिले:

  • बाढ़ की मुख्य वजह: भूस्खलन (Landslide) के कारण भोटेकोशी नदी की सहायक नदी ‘ल्हेंदे’ का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो गया था, जिसके अचानक टूटने से चीन सीमा के पास स्थित रसुवागढ़ी (तिमुरे) में प्रलयंकारी बाढ़ आ गई।

  • जिलावार बरामद शवों का आंकड़ा:

    • चितवन: 108

    • नवलपरासी पूर्व: 62

    • धादिंग: 27

    • गोरखा: 20

    • रसुवा: 17

    • नवलपरासी पश्चिम: 15

    • नुवाकोट: 12

    • तनहुन: 9

  • 800 से अधिक लोगों को निकाला गया: नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफले के अनुसार, प्रभावित इलाकों से घायलों सहित 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।

  • नेपाली विदेश मंत्री का बयान: नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने पुष्टि की है कि रसुवा क्षेत्र में 160 से अधिक लोगों की जान गई है और लापता हजारों नागरिकों में लगभग 300 भारतीय पर्यटक शामिल हैं, जिनकी युद्धस्तर पर तलाश जारी है।

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