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‘नशे की हालत में की मारपीट और तोड़ी कार’; लखनऊ के नाका थाने के एसआई गोपेश शर्मा पर गंभीर आरोप, जांच शुरू

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लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) पर युवक के साथ मारपीट करने, उसकी कार में तोड़फोड़ करने और रुपये छीनकर फेंकने का सनसनीखेज आरोप लगा है।

यह पूरा मामला लखनऊ के थाना नाका क्षेत्र में तैनात एसआई गोपेश शर्मा से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित युवक राहुल त्रिवेदी ने घटना से जुड़ा एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसके सामने आने के बाद प्रशासनिक और सार्वजनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पीड़ित राहुल त्रिवेदी का गंभीर आरोप है कि एसआई गोपेश शर्मा कथित रूप से शराब के नशे में थे और उन्होंने उसके साथ अकारण अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। राहुल के अनुसार, इस दौरान उसकी गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया।

💸 मारपीट के बाद ₹15 हजार छीनकर फेंके: पीड़ित ने लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

घटनाक्रम और लगाए गए आरोप:

  • पैसे छीनने का दावा: पीड़ित राहुल त्रिवेदी का कहना है कि विवाद के दौरान उसके पास रखे करीब ₹15,000 नकद छीन लिए गए और बाद में उन्हें इधर-उधर फेंक दिया गया।

  • कार्रवाई की मांग: पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले का त्वरित संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर सख्त विधिक कार्रवाई करने की मांग की है।

  • वायरल वीडियो की स्थिति: घटना के समय बनाए गए कथित वीडियो में अभद्र भाषा और तनावपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा है, जिसकी तकनीकी जांच की जा रही है।

❓ विवाद का कारण और परिस्थितियां: पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

जांच के प्रमुख बिंदु और विधिक प्रक्रिया:

  • विवाद की वजह की पड़ताल: पुलिस अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि दोनों पक्षों के बीच विवाद की शुरुआत किस कारण से हुई और घटनास्थल पर क्या परिस्थितियां थीं।

  • सीसीटीवी और साक्ष्य संकलन: मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, घटना के समय और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।

  • विभागीय जांच: थाना नाका के एसआई पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।

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