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शहडोल में मूसलाधार बारिश से उफान पर सोन नदी: लबालब हुआ बाणसागर डैम, खोले गए 6 गेट; 4 जिलों में अलर्ट

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शहडोल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के कई अंचलों में मूसलाधार बारिश का दौर निरंतर जारी है। शहडोल जिले में भी बीती रात से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

नदी और नाले उफान पर आने से कई रपटों एवं पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। प्रमुख सोन नदी में भी जलस्तर और बहाव की गति तेजी से बढ़ गई है, जिसे नियंत्रित करने के लिए बाणसागर बांध के 6 गेट खोल दिए गए हैं।

🌊 बाणसागर डैम के खोले गए 6 गेट: 2574 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में छोड़ा गया

डैम के गेट और जल निकासी की स्थिति:

  • पानी की आवक: बाणसागर डैम के कार्यपालन यंत्री सुरेंद्र शर्मा ने जानकारी दी कि कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश से डैम में लगभग 2900 क्यूमेक्स पानी की आवक निरंतर बनी हुई है।

  • गेट खोलने की कार्रवाई: जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोपहर 12:00 बजे डैम के 6 गेट 2-2 मीटर ऊंचाई तक खोले गए हैं, जिनसे करीब 2574 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है।

  • हाइट बढ़ाने की संभावना: यदि बांध के ऊपरी हिस्सों में बारिश बढ़ती है, तो अन्य गेट भी खोले जा सकते हैं या वर्तमान में खुले गेटों की ऊंचाई 2 मीटर से अधिक बढ़ाई जा सकती है।

📊 लबालब हुआ बाणसागर जलाशय: पावर हाउस का भी एक गेट चालू

जलस्तर और विद्युत उत्पादन का विवरण:

  • पूर्ण जलस्तर: बाणसागर बांध का अधिकतम जलस्तर 341.64 मीटर है, और जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता तक भर चुका है।

  • बिजली उत्पादन जारी: पानी की सतत आवक को देखते हुए हाइडल पावर हाउस को भी जल निकासी के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत बिजली उत्पादन के लिए भी एक गेट खोल दिया गया है।

  • 24×7 निगरानी: कंट्रोल रूम से जलस्तर और आवक-जावक के आंकड़ों की प्रति घंटे समीक्षा की जा रही है।

⚠️ शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली में हाई अलर्ट: तटीय बस्तियों में मुनादी शुरू

प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा निर्देश:

  • चार जिलों को सूचना: बाणसागर बांध प्रबंधन ने पानी छोड़े जाने की आधिकारिक सूचना शहडोल, मैहर, सीधी और सिंगरौली जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों को प्रेषित कर दी है।

  • निचले इलाकों में अलर्ट: सोन नदी के डूब क्षेत्र और तटीय मैदानी इलाकों में निवासरत ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

  • मुनादी अभियान: संवेदनशील ग्राम पंचायतों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि से बचा जा सके।

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