Local & National News in Hindi

सोनीपत में 50 करोड़ का बड़ा जमीन फर्जीवाड़ा: फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर बैंक से निकाला लोन

26

सोनीपत (हरियाणा): जिले के गांव नांगल कलां के एक किसान की करोड़ों रुपये मूल्य की पैतृक भूमि की पंजाब में फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) तैयार कर उसे बेचने और बाद में उसी जमीन को बैंक में गिरवी रखकर करीब 50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन उठाने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है।

पीड़ित किसान द्वारा थाने में सुनवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया गया, जिसके बाद न्यायिक आदेश के अनुपालन में कुंडली थाना पुलिस ने दिल्ली निवासी मुख्य आरोपी सहित अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

🌾 39 कनाल 19 मरले पैतृक जमीन का मामला: किसान बलवान ने बयां की पूरी दास्तान

जमीन की मिल्कियत और धोखाधड़ी की शुरुआत:

  • विवादित रकबा: पीड़ित किसान बलवान के अनुसार संबंधित भूमि का कुल रकबा लगभग 39 कनाल 19 मरले है, जिसमें उनका एक-तिहाई हिस्सा विधिक रूप से शामिल है।

  • फर्जी दस्तावेज का खेल: आरोप है कि शास्त्री नगर, दिल्ली निवासी रामानंद शर्मा ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वर्ष 2005 में किसान के पिता स्वर्गीय रतन सिंह के नाम से पंजाब के तरनतारन जिले में एक फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार करवाई थी।

  • सहमति और हस्ताक्षर का अभाव: किसान का स्पष्ट दावा है कि उनके पिता अपने पूरे जीवनकाल में कभी तरनतारन गए ही नहीं। उन्होंने इस कथित पावर ऑफ अटॉर्नी के निष्पादन हेतु न तो कोई सहमति दी थी और न ही किसी भी आधिकारिक कागजात पर हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान लगाया था।

🏦 जमीन बेचकर SBI चांदनी चौक शाखा में रखी गिरवी: निकाला ₹50 करोड़ का लोन

साजिश और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप:

  • जमीन का बैनामा: शिकायत के मुताबिक तरनतारन से तैयार कथित फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर आरोपी रामानंद शर्मा ने 9 जून 2005 को इस कीमती जमीन की रजिस्ट्री चमन लाल नामक व्यक्ति के नाम कर दी।

  • बैंक में बंधक: जमीन की अवैध बिक्री के पश्चात रामानंद और चमन लाल ने कथित रूप से बैंक अधिकारियों के साथ सांठगांठ की और भूमि के स्वामित्व दस्तावेज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की चांदनी चौक (दिल्ली) शाखा में गिरवी रख दिए।

  • करोड़ों का गबन: इन फर्जी दस्तावेजों की आड़ में बैंक से करीब 50 करोड़ रुपये का विशाल ऋण स्वीकृत कराकर निकाल लिया गया।

⚖️ थाने में नहीं हुई सुनवाई तो खटखटाया कोर्ट का दरवाजा: अदालत के आदेश पर FIR दर्ज

कानूनी लड़ाई और न्यायिक हस्तक्षेप:

  • पुलिसिया उपेक्षा: पीड़ित किसान बलवान ने बताया कि फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सर्वप्रथम कुंडली थाना पुलिस में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई थी, परंतु पुलिस द्वारा कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।

  • अदालत का रुख: थाने से निराश होकर किसान ने सक्षम न्यायालय की शरण ली और साक्ष्य पेश किए।

  • न्यायालय का कड़ा रुख: अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तत्काल प्रभाव से सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर विस्तृत जांच करने का आदेश जारी किया।

👮 कुंडली पुलिस ने शुरू की गहन जांच: बैंक ऋण और दस्तावेजों की हो रही स्क्रूटनी

जांच की वर्तमान स्थिति और पुलिसिया बयान:

  • थाना प्रभारी का वक्तव्य: कुंडली थाना प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि माननीय अदालत के स्पष्ट आदेश पर दिल्ली निवासी रामानंद शर्मा, चमन लाल और अन्य संबंधित आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

  • रिकॉर्ड की पड़ताल: पुलिस की विशेष जांच टीम राजस्व विभाग से जमीन के मूल दस्तावेज, पंजाब के तरनतारन से कथित पावर ऑफ अटॉर्नी की वैधानिकता तथा एसबीआई चांदनी चौक शाखा से स्वीकृत 50 करोड़ रुपये के ऋण आवंटन की फाइलों को जब्त कर जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जालसाजी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.