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गोड्डा में SIR डिलीशन फॉर्म पर गरमाई राजनीति: पूर्व विधायक अमित मंडल और रजनीश यादव आमने-सामने

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गोड्डा (झारखंड): जिले में मतदाता सूची से संबंधित एसआईआर (SIR) डिलीशन फॉर्म विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस मुद्दे पर पूर्व भाजपा विधायक अमित मंडल और झारखंड सरकार के राजद कोटे के मंत्री संजय यादव के पुत्र रजनीश यादव सीधे तौर पर आमने-सामने आ गए हैं। गोड्डा पहुंचे अमित मंडल ने आरोप लगाया कि उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) विनय को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से बंधक बनाया गया था। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि समय पर स्थिति न संभलती तो उनकी मॉब लिंचिंग भी हो सकती थी। मंडल ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजद कोटे के मंत्री का पूरा तंत्र लगा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद उनके कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं टूटा।

📚 ‘पढ़ने-लिखने की जरूरत’: अमित मंडल के बयान पर रजनीश यादव का ‘चोरी और सीनाजोरी’ वाला पलटवार

दोनों नेताओं के बीच तीखा वाकयुद्ध:

  • पढ़ाई-लिखाई की सलाह: पूर्व विधायक अमित मंडल ने राजद कार्यकर्ताओं और विशेष रूप से मंत्री पुत्र रजनीश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें नियम-कानून पढ़ने और अध्ययन करने की नसीहत दी।

  • रजनीश का तीखा जवाब: इस टिप्पणी पर रजनीश यादव ने तल्ख अंदाज में पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व विधायक “एक तो चोरी कर रहे हैं और ऊपर से सीनाजोरी दिखा रहे हैं।”

  • बॉन्ड और एफआईआर: रजनीश ने दावा किया कि भाजपा के बूथ लेवल एजेंट विनय कुमार मंडल को विधिवत बॉन्ड भरवाकर छोड़ा गया है और नगर थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।

⚖️ 12 घंटे तक बंधक बनाए जाने और प्रिंटेड फॉर्म पर सवाल: डिग्री को लेकर भी हुई बहस

सुरक्षा और शैक्षिक योग्यता पर आरोप-प्रत्यारोप:

  • कार्यकर्ता की सुरक्षा पर प्रश्न: रजनीश यादव ने सवाल उठाया कि खुद को कार्यकर्ताओं का बड़ा हितैषी बताने वाले पूर्व विधायक उस समय कहां थे, जब ग्रामीणों ने उनके एजेंट को 12 घंटे तक घेरे रखा था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने स्वयं पहल कर भाजपा कार्यकर्ता को सुरक्षित थाने तक पहुंचाया।

  • प्रिंटेड टिक वाले फॉर्म पर आपत्ति: उन्होंने आरोप लगाया कि बिना विधिक प्रक्रिया के पहले से प्रिंटेड टिक वाले फॉर्म्स के जरिए धांधली करने का प्रयास किया जा रहा था।

  • डिग्री पर तंज: पढ़ने-लिखने की सलाह पर पलटवार करते हुए रजनीश ने कहा कि अमित मंडल यह सार्वजनिक करें कि उन्होंने कौन सी इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है, जबकि वे स्वयं अपनी शैक्षिक योग्यता पहले ही सार्वजनिक कर चुके हैं।

🎓 लंदन से पढ़कर लौटे दो युवा राजनेता: गोड्डा में दोनों के बीच पुरानी सियासी प्रतिद्वंद्विता

पारिवारिक पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर:

  • विदेश से उच्च शिक्षा: दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही युवा नेता लंदन से उच्च शिक्षा ग्रहण कर स्वदेश लौटे हैं और अब सक्रिय राजनीति में अपनी सियासी जमीन मजबूत कर रहे हैं।

  • पारिवारिक विरासत: दोनों नेताओं के पिता गोड्डा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। अमित मंडल अपने पिता रघुनंदन मंडल के असामयिक निधन के बाद राजनीति में उतरे और विधायक बने।

  • सियासी जमीन की तलाश: वहीं रजनीश यादव बिहार विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य आजमा चुके हैं। लंदन रिटर्न इन दो युवा चेहरों की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता इस समय गोड्डा की जनता के बीच खासी चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

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