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Delhi News: दिल्ली को मिलेगी अपनी SDRF फोर्स, CM रेखा गुप्ता की हाईलेवल बैठक; NDRF देगा जवानों को ट्रेनिंग

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नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने प्राकृतिक और मानवीय आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया है।

राजधानी में अब राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) का गठन किया जाएगा। इससे किसी भी प्रकार की आपदा अथवा दुर्घटना की स्थिति में सुप्रशिक्षित और विशेषज्ञ बल को घटनास्थल पर अविलंब पहुंचाने, राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित रूप से संचालित करने तथा जन-धन के नुकसान को न्यूनतम करने में बड़ी सहायता मिलेगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार अपने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों और सिविल डिफेंस वॉलंटियरों को भी विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिलाएगी, ताकि स्थानीय मानव संसाधन बेहतर समन्वय के साथ बचाव कार्यों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

⏱️ ‘हर मिनट कीमती, अपनी प्रशिक्षित फोर्स जरूरी’: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक

बैठक और संगठनात्मक संरचना का विवरण:

  • सचिवालय में उच्चस्तरीय मंथन: इस महत्वपूर्ण विषय को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

  • शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी: बैठक में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, एनडीआरएफ के महानिदेशक (DG) पीयूष आनंद, आईजी नरेंद्र बुंदेला तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

  • 1100 जवानों की पहली बटालियन: बैठक में एनडीआरएफ के अधिकारियों ने दिल्ली में एसडीआरएफ के गठन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि दिल्ली में पहली बटालियन का गठन किया जाएगा, जिसमें अधिकतम 1,100 जवान शामिल होंगे।

  • राज्य सरकार के अधीन संचालन: यह बटालियन पूर्णतः दिल्ली सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगी और सरकार के निर्देश पर आपात स्थितियों में तेजी से रिस्पॉन्स करेगी।

🛠️ NDRF देगा तकनीकी प्रशिक्षण: आधुनिक उपकरणों की खरीद और भंडारण पर जोर

तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण ढांचा:

  • एनडीआरएफ का सहयोग: प्रस्तावित एसडीआरएफ के जवानों को उच्चस्तरीय एवं आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण एनडीआरएफ द्वारा प्रदान किया जाएगा।

  • भौगोलिक आवश्यकताओं के अनुरूप उपकरण: दिल्ली की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और घनी आबादी को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक उपकरणों की खरीद में भी एनडीआरएफ आवश्यक तकनीकी परामर्श देगा।

  • एजेंसियों में बेहतर तालमेल: फायर सर्विस के कर्मियों और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करने का मुख्य उद्देश्य विभिन्न राहत एजेंसियों के बीच ‘गोल्डन ऑवर’ में बेहतर सामंजस्य स्थापित करना है।

  • उपकरणों की सूची साझा करने के निर्देश: मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे अपने आपदा राहत उपकरणों की सूची और उनके भंडारण स्थलों की जानकारी आपस में साझा करें, ताकि संकट के समय संसाधनों का तुरंत उपयोग किया जा सके।

🏙️ ‘घनी आबादी वाले महानगर के लिए SDRF अनिवार्य’: सीएम ने बताई आवश्यकता

राजधानी की सुरक्षा रणनीति और भावी तैयारी:

  • लंबे समय से लंबित व्यवस्था: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में एसडीआरएफ की इकाइयां पहले से कार्यरत हैं। दिल्ली जैसे विशाल और घनी आबादी वाले महानगर के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।

  • बाहरी सहायता पर घटेगी निर्भरता: उन्होंने कहा कि अब तक बाहरी बलों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अपनी एसडीआरएफ होने से त्वरित निर्णय और स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की क्षमता में वृद्धि होगी।

  • तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि दिल्ली में भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और जनसंख्या का घनत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में किसी भी संभावित प्राकृतिक या मानवीय संकट से बचाव के लिए ‘रिएक्टिव’ होने के बजाय ‘प्रोएक्टिव’ दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है।

📍 मध्य, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली में NDRF को मिलेगी जमीन: बटालियन की होगी तैनाती

रणनीतिक उपस्थिति और भूमि आवंटन:

  • रणनीतिक स्थानों पर तैनाती: बैठक के दौरान एनडीआरएफ को राजधानी के भीतर अपनी अतिरिक्त बटालियन स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराने पर भी विस्तृत विमर्श हुआ।

  • केंद्रीय संस्थानों की सुरक्षा: एनडीआरएफ अधिकारियों ने अवगत कराया कि सीमावर्ती इलाकों में उनके जवान पहले से मुस्तैद हैं, परंतु देश की राजधानी और महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थानों की सुरक्षा व आपातकालीन प्रबंधन के लिए मध्य, उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली में भी उनकी सीधी मौजूदगी जरूरी है।

  • तत्काल भूमि चिन्हित करने के आदेश: दिल्ली सरकार के अधिकारियों द्वारा शहर में उपयुक्त सरकारी भूमि की उपलब्धता की पुष्टि किए जाने के बाद, मुख्यमंत्री ने एनडीआरएफ को शीघ्र भूमि आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए।

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