West Bengal Child Marriage: बारात लेकर पहुंचा था दूल्हा, ऐन वक्त पर पहुंची पुलिस ने मंडप से किया गिरफ्तार; बाल विवाह रोका
मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल): जिले के फरक्का थाना क्षेत्र अंतर्गत बेनियाग्राम इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दुल्हन के घर बारात आ चुकी थी, मेहमानों की चहल-पहल थी और रस्में शुरू होने वाली थीं, लेकिन तभी अचानक पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने विवाह समारोह को तत्काल रुकवाते हुए नाबालिग लड़की से विवाह रचाने आए दूल्हे को मंडप से ही गिरफ्तार कर लिया। इस औचक पुलिसिया कार्रवाई से पूरे विवाह स्थल और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया।
🕵️ गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी: उम्र की पुष्टि होते ही रुकवाया विवाह
कार्रवाई का घटनाक्रम और प्रशासनिक कदम:
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10 सितंबर का मामला: यह घटना 10 सितंबर की है, जहाँ बेनियाग्राम में एक युवक का विवाह नाबालिग किशोरी के साथ तय किया गया था।
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समय पर पहुंची पुलिस: विवाह के दिन तय समय पर दूल्हा बारात लेकर पहुंच गया था, किंतु गुप्त सूत्र से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत समारोह स्थल पर छापा मारा।
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उम्र के प्रमाण पत्र की जांच: पुलिस अधिकारियों ने मौके पर लड़की के जन्म संबंधी दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई।
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दूल्हा हिरासत में: शादी की रस्में तुरंत रुकवा दी गईं और दूल्हे को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया।
📜 48 घंटे में बाल विवाह का दूसरा मामला: 9 सितंबर को गाजीनगर में भी रोकी गई थी शादी
क्षेत्र में लगातार पुलिस की सतर्कता:
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स्थानीय लोगों का समर्थन: नाबालिग बच्चियों के भविष्य की रक्षा के लिए पुलिस द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम का स्थानीय नागरिकों ने स्वागत किया है।
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जांच का दायरा: पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस गैरकानूनी विवाह को तय कराने और आयोजित करने में कौन-कौन से बिचौलिए व रिश्तेदार शामिल थे।
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लगातार दूसरा केस: इससे ठीक एक दिन पूर्व, यानी 9 सितंबर को भी मुर्शिदाबाद पुलिस ने गाजीनगर में एक 16 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह समय रहते रुकवाया था।
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काजी और पिता पर कार्रवाई: 9 सितंबर के मामले में निकाह पढ़ाने वाले काजी सहित विवाह में शामिल अन्य लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई और लड़की के पिता को गिरफ्तार किया गया।
🛡️ नाबालिग लड़की बाल कल्याण समिति की निगरानी में: बालिकाओं की सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस
सुरक्षा उपाय और सख्त प्रशासनिक संदेश:
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सुरक्षित संरक्षण: 10 सितंबर को बचाई गई नाबालिग लड़की की सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करने के लिए उसे बाल कल्याण समिति (CWC) की आधिकारिक निगरानी में सौंप दिया गया है।
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कानूनी प्रवर्तन और जागरूकता: सरकार व प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बालिकाओं के शिक्षा के अधिकार और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ-साथ राज्य से बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून प्रवर्तन और सख्त कार्रवाइयों के जरिए बाल अधिकारों का संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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