Local & National News in Hindi

Rajasthan Nikay Chunav Pokhran: कांग्रेस के पास बहुमत का दावा, महंत प्रताप पुरी और शाले मोहम्मद की साख दांव पर

38

राजस्थान में हुए निकाय चुनावों के परिणाम आ चुके हैं. परमाणु परीक्षण के लिए दुनियाभर में मशहूर पोखरण नगर पालिका के चुनाव नतीजों में जनता ने दिलचस्प मुकाबला पैदा कर दिया है. इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी बहुमत के आंकड़े से महज दो कदम दूर रह गई है. हालांकि चुनाव के दौरान कांग्रेस ने तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन किया था, जिनमें से 2 प्रत्याशी जीत चुके हैं. इसी आधार पर कांग्रेस दावा कर रही है कि ये निर्दलीय पार्षद पार्टी को ही समर्थन देंगे.

⚔️ 2. दो धर्मगुरुओं की प्रतिष्ठा दांव पर, एक तरफ पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद तो दूसरी तरफ विधायक महंत प्रताप पुरी मैदान में

कुर्सी से थोड़ा पीछे सिमटी बीजेपी भी हार मानने को तैयार नहीं है. बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस खेमे में तोड़फोड़ कर वह अपना चेयरमैन बना लेगी. इस राजनीतिक रस्साकशी में दो बड़े धर्मगुरुओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. एक तरफ कांग्रेस की ओर से सिंधी मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरु व पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी के पोखरण विधायक व तारातरा मठ के महंत प्रताप पुरी हैं. दोनों के लिए यह चुनाव साख का विषय बन चुका है.

📊 3. जानिए क्या है पोखरण नगर पालिका का गणित, 25 वार्डों में से कांग्रेस के पास 12 और बीजेपी के पास 11 सीटें

पोखरण नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं, जिनमें से कांग्रेस ने 22 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 3 पर निर्दलीयों का समर्थन किया था, जिनमें से 2 जीत गए हैं. वहीं, केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के दम पर उतरी बीजेपी सभी सीटों पर लड़ने के बावजूद 11 वार्डों पर ही सिमट गई. फिलहाल किसी भी दल के पास पूर्ण बहुमत नहीं है, लेकिन निर्दलीयों का रुख ही यह तय करेगा कि स्थानीय सरकार किसकी बनेगी.

🔮 4. कल्पना रंगा और मधुबाला का नाम चेयरमैन की रेस में आगे, 21 सितंबर को खुलेगा हार-जीत का पत्ता

फिलहाल कांग्रेस खेमे से पोकरण नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए कल्पना रंगा का नाम सबसे आगे चल रहा है, जो पूर्व प्रतिपक्ष नेता नारायण रंगा की पुत्रवधू हैं. इसके अलावा मधुबाला का नाम भी चर्चा में है. स्थानीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि पोखरण की जनता हमेशा संतुलन बनाकर चलती है, जहां विधायक बीजेपी का है तो जनता नगर पालिका की कमान कांग्रेस को दे सकती है. अब असली तस्वीर 21 सितंबर को ही साफ होगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.