नई दिल्ली। सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती को लेकर वित्त मंत्रालय में विचार-विमर्श शुरू हो गया है। इस संबंध में पेट्रोलियम मंत्रालय और कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है। वित्त मंत्रालय पेट्रोल डीजल की कीमतों में राहत को लेकर राज्यों से भी विमर्श की तैयारी में है, ताकि पेट्रोलियम ईधन पर लगने वाले शुल्क में एक आपसी सहमति के साथ कटौती की जाए। मंगलवार को पेट्रोल की कीमत दिल्ली-एनसीआर में 91 रुपये और डीजल की कीमत 81 रुपये प्रति लीटर के पार थी
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक सरकार दो हफ्ते बाद कभी भी पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क में कटौती कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक सरकार पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन ( की इसी सप्ताह होने वाली बैठक पर भी नजर रख रही है जिसमें कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती को लेकर फैसला किया जाना है। अगर ओपेक उत्पादन में कटौती का फैसला नहीं करता है तो कच्चे तेल के दाम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता आएगी। ऐसे में उत्पाद शुल्क में कटौती से उपभोक्ताओं को अधिक राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च आखिर से कई राज्यों में चुनाव का चरण आरंभ हो जाएगा, इसलिए उससे पहले पेट्रोल-डीजल के दाम में राहत मिल सकती है। उनका यह भी कहना है इकोनॉमी में रिकवरी के बाद सरकार को दूसरे माध्यम से भी राजस्व मिलने लगे हैं और जीएसटी संग्रह भी लगातार पांच महीनों से एक लाख करोड़ के ऊपर रहा है। इसलिए उत्पाद शुल्क में कटौती की पूरी गुंजाइश बन रही है।
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