सागर यूनिवर्सिटी के गगन राज का कमाल, 24 साल में MPPSC क्लियर कर बने असिस्टेंट प्रोफेसर
सागर: डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के गगन राज ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) 2025 की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सहायक प्राध्यापक के पद पर चयनित होकर इतिहास रच दिया है. वे संगीत विषय से असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित होने वाले सबसे कम उम्र के उम्मीदवार बने हैं. उन्होंने 24 साल 9 महीने और 15 दिन की उम्र में उपलब्धि हासिल की है. 2022-23 में पोस्ट ग्रेजुएशन और नेट करने के बाद सफलता हासिल की है. एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले गगनराज के पिता शिक्षा विभाग में भृत्य पद पर हैं.
सागर यूनिवर्सटी का बढ़ाया मान
आमतौर पर असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी हासिल करने वाले लोगों की उम्र काफी ज्यादा हो जाती है. कई लोग तो 40 और 45 साल की उम्र में यह नौकरी हासिल कर पाते हैं. क्योंकि इस नौकरी के लिए पोस्ट ग्रेजुएट और उसके बाद नेट क्वालीफाई होना जरूरी होता है. ऐसे में स्टूडेंट 25-26 साल की आयु में असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा के लिए अनिवार्य योग्यता हासिल कर पाते हैं. लेकिन सागर यूनिवर्सिटी के संगीत विभाग में पीएचडी कर रहे गगनराज ने सागर यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है.
उन्होंने महज 24 साल 9 महीने और 15 दिन की आयु में एमपीपीएससी में असिस्टेंट प्रोफेसर का पद हासिल करने में सफलता पाई है. गगन राज ने 2016-17 में सागर यूनिवर्सिटी में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था फिर उन्होंने 2022-23 में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. इसी साल नेट एग्जाम क्वालीफाई किया और असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा की तैयारी में जुट गए. कड़ी मेहनत के साथ उन्होंने सफलता हासिल की और महज 24 साल 9 महीने 15 दिन की उम्र में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित हो गए.
पिता शिक्षा विभाग में भृत्य के पद पर
गगन राज की इस उपलब्धि पर उनके पिता थान सिंह काफी खुश हैं. गगन राज के पिता शिक्षा विभाग में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बेटे की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, ”इस सफलता में परिवार के सहयोग के साथ-साथ गुरुओं का विशेष आशीर्वाद और मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है.” उन्होंने इसे ईश्वर की कृपा और गुरुजनों की देन बताया.
यूनिवर्सिटी में बधाईयों का तांता
गगन राज की सफलता पर उनके गुरु डॉ. राहुल स्वर्णकार ने उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और सफलता के लिए गगन राज के निरंतर परिश्रम और संगीत के प्रति समर्पण बताया. कुलपति प्रोफेसर वाई.एस. ठाकुर ने भी गगन राज को बधाई देते हुए उनके शैक्षणिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दी. संगीत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अशोक अहिरवार ने इस उपलब्धि को विभाग के लिए गर्व का क्षण बताया.
अशोक अहिरवार ने कहा कि, ”गगन राज की सफलता से विभाग के प्रत्येक छात्र को प्रेरणा मिलेगी और यह आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल बनेगी.” संगीत विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. अवधेश प्रताप सिंह तोमर ने कहा कि, ”पिछले तीन सालों से यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी विभिन्न शासकीय परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं, जिससे विभाग निरंतर गौरवान्वित हो रहा है.”
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