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फसल खरीद में लापरवाही पर सैनी का कड़ा रुख, दोषी अफसर-कर्मचारी पर होगी सख्त कार्रवाई

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चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फसल खरीद व्यवस्था में आई अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक किसान की फसल का एक एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, वहीं गलत खरीद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी फसल खरीद प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल तथा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आगामी खरीद सीजन के दौरान फील्ड में नियमित और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि किसान की सही उपज बिना किसी बाधा के एम.एस.पी. पर खरीदी जा सके। उन्होंने कहा कि फसल खरीद में पूर्व में उजागर हुई अनियमितताओं एजेंसियों और सिस्टम के साथ बड़ा धोखा है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। करनाल धान घोटाला न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश की खरीद को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी खरीद सीजन में इस प्रकार की कोई भी समस्या दोबारा नहीं आनी चाहिए। साथ ही, उन्होंन स्पष्ट किया कि फसल खरीद में संलिप्त पाए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तुरंत अमल में लाई जाए। इससे फील्ड स्तर पर यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि गलत कार्य करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

शैलरों की जांच के लिए संबंधित विभाग की समिति ही जाए: मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी शेलर या आड़ती द्वारा मिलीभगत कर भारी अनियमितताएं पाई जाती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ भारी पैनल्टी भी लगाई जाए। उन्होंने कहा कि शेलरों की जांच के लिए संबंधित विभाग की समिति ही जाए, कोई भी अधिकारी या कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से जांच पर न जाए। यदि ऐसा पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के अगले चरण में और कौन-कौन से बड़े चेहरे बेनकाब होते हैं।

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