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अभद्र पोस्‍ट पर फंसा युवक तो बोला- जज साहब माफ कर दो, छह माह तक फोन को हाथ नहीं लगाऊंगा

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चंडीगढ़। युवाओं में स्‍मार्ट फोन के इस्‍तेमाल करने और साेशल मीडिया पर सक्रिय होने का शौक लगातार बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करने की हाेड़ सी लगी रहती है, लेकिन कई बार गलत पोस्‍ट करना कुछ लोगोें को भारी पड़ जाता है। एक युवक को भी ट्विटर पर एक महिला के खिलाफ अशोभनीय पोस्ट करना महंगा पड़ गया। मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट पहुंच गया। खुद को बुरी तरह फंसा देख युवक ने कहा, जज साहब माफ कर दो, अब छह माह तक स्‍मार्ट फोन को हाथ नहीं लगाऊंगा। इसके बाद कोर्ट ने उसे माफ तो कर दिया, लेकिन 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा दिया।

महिला के खिलाफ ट्विटर पर गलत टिप्पणी पोस्ट करने का था आराेप

युवक को हाई कोर्ट में माफी मांगते हुए अंडर टेकिंग देनी पड़ी। अंडर टेकिंग भी यह कि वह अगले छह माह तक स्मार्ट फोन का इस्तेमाल तक नहीं करेगा। कोर्ट ने उसकी इस अंडर टेकिंग के बाद 20 हजार रूपये का जुर्माना लगाते हुए सशर्त माफी दे दी।

जज ने सशर्त माफी तो दे दी मगर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

मामला करनाल के एक युवक का है। एक महिला ने उसके खिलाफ पीछा करने व आपराधिक धमकी देने के मामले में 19 अक्टूबर, 2018 को करनाल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए युवक ने हाईकोर्ट मे अग्रिम जमानता याचिका दी थी। 21 फरवरी 2019 आरोपित को हाई कोर्ट ने इस मामले में सशर्त अग्रिम  जमानत दी थी। हाई कोर्ट ने याची को कहा था कि वह जांच में शामिल होगा और ऐसी कोई गतिविधि नहीं करेगा जिससे किसी भी पक्ष को कोई आपत्ति हो।

हाई कोर्ट के आदेश पर याचिका युवक पुलिस जांच में शामिल हो गया लेकिन उसने सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता महिला के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर दी। महिला ने युवक द्वारा अशोभनीय ट्वीट को लेकर  हाई कोर्ट में शिकायत कर दी और उसकी अग्रिम जमानत रद करने की मांग की।

इसके बाद हाईकोर्ट ने युवक को नोटिस जारी कर पूछा कि क्यों न उसकी जमानत को रद कर दिए जाए। इस पर युवक ने ट्विटर पर महिला के खिलाफ किए गए पोस्‍ट पर माफी मांगी। उसने हाई कोर्ट को अंडर टेकिंग दी कि वह छह माह तक स्मार्ट फोन व ट्विटर का प्रयोग नहीं करेगा, उसे माफ कर दिया जाए।

हाई कोर्ट के जस्टिस हरिपाल वर्मा ने संबंधित युवक को सशर्त माफी  देते हुए उसको 20 हजार रूपये जुर्माना लगाकर जाने दिया और साथ ही कहा कि 20 हजार रुपये की राशि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के खाते में जमा करवाए।

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