Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

प्लेन में चढ़ने के बाद मुझे लगा कुछ अजीब लगा था…अहमदाबाद हादसे में जिंदा बचे विश्वास कुमार का बड़ा बयान

12 जून को अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया. एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन जा रही थी. उड़ान भरने के महज दो मिनट बाद क्रैश हो गई. इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी. लेकिन चमत्कारिक रूप से एक यात्री विश्वास कुमार रमेश जीवित बच गए. अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद विश्वास अपने गृहनगर दीव लौट गए हैं. अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले क्राइम ब्रांच ने विश्वास कुमार से औपचारिक पूछताछ की क्योंकि उनकी कहानी और हादसे से जुड़ा उनका बयान जांच एजेंसियों के लिए बेहद अहम है.

विश्वास कुमार रमेश भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक हैं और दीव के निवासी हैं. वह पेशे से एक बिजनेसमैन हैं. जो मुख्य रूप से यूके और भारत के बीच व्यापार से जुड़े हैं. उनकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई जा रही है. हादसे के समय वह फ्लाइट AI-171 की सीट नंबर 11A पर बैठे थे. उनकी जीवित रहने की कहानी को कई लोग चमत्कार मान रहे हैं.

पूछताछ में क्या बोले विश्वास?

अहमदाबाद सिविल अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले क्राइम ब्रांच ने विश्वास कुमार से औपचारिक पूछताछ की. विश्वास ने जांच एजेंसी को बताया कि विमान में चढ़ने के बाद उन्हें कुछ असामान्य लगा था. उनके अनुसार उड़ान भरने से पहले ही विमान में कुछ तकनीकी गड़बड़ी के संकेत दिख रहे थे. टेक-ऑफ के 5-10 सेकंड बाद ही विमान में अचानक झटके महसूस हुए और ऐसा लगा जैसे विमान कहीं अटक गया हो. इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरा और बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया. विश्वास ने कहा कि ‘मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मैं उस भयानक हादसे में जिंदा बच गया.’

विश्वास का बयान क्यों अहम?

विश्वास कुमार का बयान जांच एजेंसियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वह हादसे के इकलौते जीवित गवाह हैं. उनके द्वारा बताए गए विवरण जैसे टेक-ऑफ से पहले विमान में गड़बड़ी की आशंका, जांचकर्ताओं को तकनीकी खामियों या अन्य कारणों की पड़ताल करने में मदद कर सकते हैं. ब्लैक बॉक्स के विश्लेषण के साथ-साथ विश्वास का बयान हादसे के सही कारणों को उजागर करने में सहायक हो सकता है.

दीव में विश्वास की वापसी

अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद विश्वास कुमार अपने गृहनगर दीव लौट गए हैं. उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन इस हादसे ने उन्हें मानसिक रूप से झकझोर दिया है. स्थानीय लोगों और उनके परिवार ने उनके सकुशल लौटने की खुशी जताई है.

हादसे का पूरा घटनाक्रम

12 जून को दोपहर 1:38 बजे एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर फ्लाइट नंबर AI-171 ने अहमदाबाद के सरदार पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लंदन के गैटविक हवाई अड्डे के लिए उड़ान भरी. विमान में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे. जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे. टेक-ऑफ के महज दो मिनट बाद विमान 600 फीट की ऊंचाई पर पहुंचा और अचानक आउट ऑफ कंट्रोल होकर नीचे गिरने लगा. यह मेघानी नगर के रिहायशी इलाके में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया. जिससे भयानक धमाका हुआ और विमान में आग लग गई.

जांच में क्या सामने आया?

विमान दुर्घटना की जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने काम शुरू कर दिया है. हादसे के अगले दिन यानी 13 जून को हॉस्टल की छत से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया है. जो हादसे के कारणों का पता लगाने में अहम भूमिका निभा सकता है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.