राष्ट्र चंडिका न्यूज़, डिंडोरी, डिंडोरी कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नेहा मारव्या द्वारा कलेक्टर कार्यालय परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए गए प्रतिबंधात्मक आदेश में पत्रकारों से संबंधित प्रावधानों पर सवाल उठने लगे हैं। इस आदेश के तहत अब पत्रकारों द्वारा आगंतुकों से साक्षात्कार करने, बिना अनुमति कार्यालय में प्रवेश करने या साक्षात्कार लेने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
नया आदेश, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यालय परिसर में लोक शांति बनाए रखना और भीड़भाड़ को नियंत्रित करना बताया गया है, सामान्य जनता के साथ-साथ मीडिया प्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित कर रहा है। जारी किए गए आदेश के बिंदु 2 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि “परिसर में… पत्रकारों द्वारा आगंतुकों से साक्षात्कार, बिना अनुमति पत्रकारों का कार्यालय में प्रवेश अथवा साक्षात्कार नहीं कर सकेगा।”
पत्रकारिता जगत में इस आदेश को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है। पत्रकारों का मानना है कि यह प्रतिबंध सूचना के अधिकार और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर जानकारी जुटाने और जनता तक पहुंचाने में अब पत्रकारों को अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
पत्रकारों का तर्क है कि वे जनता और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। ऐसे प्रतिबंध पारदर्शिता को कम कर सकते हैं और सरकारी कामकाज की निगरानी को और कठिन बना सकते हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस आदेश पर पत्रकारों की प्रतिक्रिया को कैसे लेता है और क्या भविष्य में इसमें कोई बदलाव किया जाता है। फिलहाल, यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है, और इसका पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।