चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा में बेअदबी के खिलाफ पेश किए गए विधेयक पर बोलते हुए विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि यह एक बेहद महत्वपूर्ण विधेयक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने कल कहा था कि अगर वह इस विधेयक के लिए समय मांग रहे हैं, तो क्या आप तैयार नहीं हैं, वह केवल 12 घंटे का समय मांगा था। उन्होंने कहा कि बेअदबी विधेयक पर आज पूरे दिन की बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी धर्मग्रंथ की चोरी होती है, तो इस संबंध में भी इस विधेयक में एक धारा जोड़ी जानी चाहिए। साथ ही, जांच का समय भी 30 दिन निर्धारित किया जाना चाहिए।
इसके बाद भी अगर जांच पूरी नहीं होती है, तो डी.जी.पी. को इसकी गंभीरता का पता होना चाहिए। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि जहां भी जांच गलत पाई जाती है, उस अधिकारी के खिलाफ जांच होनी चाहिए। जहां भी कोई धार्मिक विरोध प्रदर्शन हो, वहां असली गोलियां नहीं चलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने वही विधेयक पेश किया है जो कांग्रेस वर्ष 2018 में लेकर आई थी।
प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सबसे बड़ी बेअदबी वर्ष 2015 में हुई थी। तब बरगाड़ी कांड हुआ था, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अंग नष्ट कर दिए गए थे। इसके बाद वहं धरने शुरू हो गए। जब इस घटना से दुखी संगत धरने पर बैठी, तो उन पर गोलियां चलाई गईं। इस दौरान बहबल कलां में कई लोग घायल हुए और 2 सिंह शहीद हो गए। बेअदबी मामलों को लेकर प्रताप सिंह बाजवा ने सरदार प्रकाश सिंह बादल और अन्य अकाली नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए।
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