पंजाब इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है. आसमान से कहर बनकर बरसी बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. नदियां उफान पर हैं. गांवों और शहरों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस आपदा में मरने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. रविवार तक जहां राज्य में 46 मौत की जानकारी थी. वहीं अब सोमवार को इस आंकड़े में इजाफा हो गया और मरने वालों की संख्या 46 से बढ़कर 48 हो गई है.
मुख्य सचिव ने बताया कि अब तक 48 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पठानकोट जिले में तीन लोग अब भी लापता हैं. इस बाढ़ में न सिर्फ लोगों की जिंदगी को खतरे में डाला. बल्कि भारी नुकसान भी हुआ है. अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा कि 1.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो गई हैं. शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि राज्य में सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी, जो बाढ़ की वजह से बीते कई दिनों से बंद थे. उन्हें अब खोला जाएगा हालांकि, अभी भी जिन स्कूलों और कॉलेजों को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है. उनको बंद रखने का फैसला इलाके के डिप्टी कमिश्नर लेंगे.
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