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CM का सख्त निर्देश: कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर, ‘लापरवाह शिक्षकों पर हो कड़ी कार्रवाई’

मध्य प्रदेश कलेक्टर्स-कमिश्नर्स कॉन्फ्रेंस में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता शत-प्रतिशत हो करने पर जोर दिया गया है. मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश के मुताबिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार जरूरी है. उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के रोडमेप में शिक्षा एक मूलभूत मुद्दा है. इसके बगैर विकास के लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सकता है.

शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर

मध्य प्रदेश में शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर देने की बात कही गई है. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शिक्षा के श्रेष्ठ कौशल रखने वाले शिक्षकों का ग्रुप तैयार कर उनके माध्यम से प्रशिक्षण का निश्चित शेड्यूल तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि बच्चों की ट्रेकिंग का कार्य आंगनवाड़ी से शुरू कर स्कूल की आखरी क्लास तक सतत रखा जाए. अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल और संजय दुबे ने शिक्षा में गुणात्मक सुधार के संबंध में जनशिक्षकों की भूमिका पर सुझाव दिए.

ई-अटेंडेंस ऐप का उपयोग

सत्र की शुरुआत में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बताया कि विकसित मध्यप्रदेश-2047 के प्रमुख बिन्दु में प्रत्येक बच्चे को उच्च गुणवत्ता, रोजगारोन्मुखी समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना शामिल है. शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए सरकारी शिक्षकों के ई-अटेंडेंस ऐप के माध्यम से 100 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

राजगढ़ जिले में ई-अटेंडेंस का प्रतिशत 94 प्रतिशत है. सत्र में बोर्ड परीक्षा परिणाम पर चर्चा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2024-25 में 87 प्रतिशत से अधिक बच्चों ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में और कक्षा 12वीं में करीब 83 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की. सचिव महिला एवं बाल विकास जी.वी. रश्मि ने आंगनवाड़ी केन्द्रों में किये जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी.

आंगनवाड़ी में दर्ज 3 से 6 वर्ष के बच्चों को सिखाने के लिये राष्ट्रीय फ्रेमवर्क आधारशिला तथा 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिये नवचेतना फ्रेमवर्क को बनाया गया है. निपुण भारत मिशन में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है. जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने जानकारी दी कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम शाला और छात्रावास में 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है.

आश्रम शालाएं, छात्रावास के निरीक्षण के लिए सितम्बर 2025 से परख ऐप लांच किया गया है. नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर कक्षा 9 से महाविद्यालयीन स्तर पर छात्रवृत्ति के लिये केन्द्र सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है.

बेस्ट प्रेक्टिस की दी गई जानकारी

शाजापुर कलेक्टर ने निपुण भारत मिशन के बेस्ट प्रेक्टिस की जानकारी दी. छतरपुर कलेक्टर ने आदर्श आंगनवाड़ी प्रोजेक्ट, कलेक्टर नीमच ने शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और झाबुआ कलेक्टर ने बेस्ट प्रेक्टिस वीडियो परख की प्रस्तुति दी.

मुख्य सविच के निर्देश

  • विकसित मध्यप्रदेश 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिये नामांकन दर को सुधारने के लिये विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ हो प्रयास.
  • सरकारी स्कलों के मरम्मत में शिक्षा में रूचि रखने वाले स्थानीय व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया जाए.
  • बोर्ड परीक्षा कक्षा 10 और 12 में परीक्षा परिणाम सुधार के लिये अभी से हो सघन प्रयास.
  • सरकारी योजनाओं का लाभ विद्यार्थियों को समय पर मिले, इस पर रखें निगरानी.
  • आंगनवाड़ी में पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत हो नामांकन.

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