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MP में सियासी बवाल: बोरी में ‘धान’ या ‘सवाल’? जीतू पटवारी क्यों पहुंचे शिवराज सिंह चौहान के घर अनाज लेकर? जानें विरोध का मकसद

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बंगले के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. यहां फसलों के दाम सही नहीं मिलने को लेकर प्रदर्शन किया. किसानों के साथ जीतू पटवारी भी अपने साथ गेहूं की बोरी लेकर पहुंचे थे. हालांकि इस दौरान उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई और बाद केस भी दर्ज किया गया. शिवराज सिंह चौहान को जब सूचना मिली तो उन्होंने जीतू पटवारी समेत अन्य नेताओं को अंदर बुलाया और बातचीत की.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी कांग्रेस नेताओं और किसानों के साथ शिवराज सिंह चौहान के बंगले पर पहुंचे थे. हालांकि यहां उन्हें बंगले के बाहर ही रोक दिया गया. इसके बाद पटवारी और किसानों को जब अंदर नहीं जाने दिया तो प्रदर्शनकारियों ने शिवराज के घर के सामने सड़क पर बैठ गए.

पुलिस की तरफ से जीतू पटवारी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कई बार रोकने की कोशिश की, लेकिन जीतू पटवारी बार-बार पुलिस को चकमा देकर आगे बढ़ते रहे. करीब पांच बार पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे शिवराज के घर तक पहुंच गए. यहां काफी हंगामे के बाद उनकी शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात भी हुई.

हमें भावांतर नहीं, भाव चाहिए!- जीतू पटवारी

जीतू पटवारी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि हमें हमें भावांतर नहीं, भाव चाहिए! भावांतर योजना शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में शुरू की थी. जीतू पटवारी इसी योजना पर आरोप लगा रहे हैं कि सरकार इसके जरिए किसानों को ठगने का काम कर रही है. पटवारी ने आगे लिखा कि आज केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी के भोपाल निवास पर किसान साथियों के साथ पहुंचकर, किसानों की समस्याओं पर चर्चा की!

आगे लिखा कि खाद, बीज, और फसल का उचित मूल्य न मिलना, साथ ही कर्ज और खराब फसलों के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं. यह स्थिति बेहद गंभीर है. सिर्फ योजनाओं का झुनझुना बजाकर किसानों को बहलाया नहीं जा सकता! हमारी स्पष्ट मांग है, किसानों को “भावांतर” नहीं, फसल का उचित और सुनिश्चित भाव मिले! आश्वासन नहीं, ठोस समाधान दिया जाए!

किसान खून के आंसू रो रहे- कांग्रेस

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में पांच किसानों ने कर्ज और फसल में नुकसान की दोहरी मार से तंग आकर खुदकुशी कर ली. मध्य प्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से मिलकर किसानों के लिए न्याय की मांग की.

आगे लिखा कि मोदी सरकार में किसान खून के आंसू रो रहे हैं, उन्हें न फसल का सही मोल मिलता है और न वाजिब मुआवजा. किसानों को उनकी मेहनत का उचित और सुनिश्चित मूल्य मिलना चाहिए। देश के अन्नदाताओं को आश्वासन नहीं, ठोस समाधान की जरूरत है.

पुलिस ने किया मामला दर्ज, पटवारी ने मांगी माफी

जीतू पटवारी के इस पैदल मार्च की पुलिस और प्रशासन को पहले से किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी गई थी. जैसे ही पुलिस को इस प्रदर्शन की जानकारी लगी तो पुलिस ने पटवारी को रोकने की कई बार कोशिश की. हालांकि वे पुलिस को चकमा देकर शिवराज सिंह चौहान के घर पहुंच गए. यही वजह है कि पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने को लेकर पटवारी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं पर मामला दर्ज कर लिया है.

जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात के बाद बंगले के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों से माफी मांगी. ऐसा इसलिए क्योंकि शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात को लेकर जीतू और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर नोक-झोंक हुई थी. उन्होंने कहा कि कहा कि मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ करना.

राजनीति चमका रहे जीतू

जीतू पटवारी के इस प्रदर्शन को लेकर बीजेपी भी हमलावर हो चुकी है. बीजेपी की तरफ से आरोप लगाया गया कि जीतू पटवारी केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी तैयारी सोशल मीडिया के हिसाब से थी. वह किसानों के नाम पर स्वयं सोशल मीडिया में सुर्खियां बटोरना चाहते हैं.

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