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Registry के खर्च में भारी बढ़ोतरी, आम लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल…

जीरकपुर : जिला प्रशासन की ओर से जीरकपुर में कलेक्टर रेट्स में भारी बढ़ोतरी की गई है। इस फैसले के बाद अब जीरकपुर में ज़मीन खरीदना पहले की तुलना में कई गुना महंगा हो गया है। प्रशासन ने जिले में कलेक्टर रेट्स में 9 से 67 प्रतिशत तक वृद्धि की है। इससे आम लोगों के लिए घर खरीदने का सपना और कठिन हो गया है। नए रेट आवासीय, कृषि और औद्योगिक तीनों श्रेणियों की जमीनों पर लागू होंगे, जबकि राहत की बात यह है कि कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला मौजूदा बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि सरकारी और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच के अंतर को कम किया जा सके। हालांकि, स्थानीय निवासियों और प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि यह कदम आम जनता, विशेषकर मध्यवर्ग के लिए बड़ा झटका साबित होगा।

50 लाख की जमीन पर अब 4.80 लाख तक लगेगी स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस

नए रेट्स लागू होने के बाद रजिस्ट्री का खर्च लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है। पहले 50 लाख की ज़मीन पर करीब 4 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस लगती थी, जो अब बढ़कर लगभग 4.80 लाख रुपए तक पहुंच गई है। इससे खरीदारों पर 2 से 5 लाख रुपए तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हैरानी की बात यह है कि ज़िरकपुर के कई इलाकों में प्रशासन ने कलेक्टर रेट 50 हजार रुपए प्रति गज तक तय कर दिए हैं, जबकि उन्हीं इलाकों में वास्तविक बाजार मूल्य 35 से 40 हजार रुपए प्रति गज के बीच है। यानी अब सरकारी दरें ही बाजार मूल्य से अधिक हैं, जिससे खरीदारों की चिंता बढ़ गई है।

आवासीय और कृषि भूमि पर सबसे ज़्यादा असर

आवासीय जमीनों के रेट्स में 40 से 67 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके चलते कई क्षेत्रों में कीमतें 60 हजार से 70 हजार रुपए प्रति गज तक पहुंच गई हैं। वहीं, कृषि भूमि के रेट्स में औसतन 10 से 29 प्रतिशत, और औद्योगिक प्लॉट्स के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है।

निर्णय मध्यवर्ग के सपनों पर सीधा वार : प्रॉपर्टी कारोबारी

प्रॉपर्टी कारोबारी राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला मध्यवर्ग के घर के सपने पर सीधा प्रहार है। जो लोग छोटे प्लॉट लेकर अपना घर बनाने की सोच रहे थे, वे अब पीछे हट जाएंगे। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए खर्च के चलते कई खरीदार अब जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के ज़रिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का रास्ता अपना सकते हैं, जिससे सरकारी राजस्व पर भी असर पड़ेगा।

लोगों की मांग — रेट्स की दोबारा समीक्षा की जाए

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर जीरकपुर में जमीनों की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं, वहीं अब प्रशासन ने आम जनता की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। लोगों ने मांग की है कि नए कलेक्टर रेट्स की पुनः समीक्षा की जाए ताकि आम लोगों पर पड़ रहा अतिरिक्त बोझ कम हो सके और प्रॉपर्टी बाजार में स्थिरता बनी रहे।

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