Local & National News in Hindi

टाइगर रिजर्व में दबे मिले बाघ के अवशेष! संजय टाइगर रिजर्व में ‘मौत का रहस्य’ गहराया, वन विभाग और STPF की जांच शुरू

5

सीधी: मध्य प्रदेश के संजय टाइगर रिजर्व के दुबरी क्षेत्र में सोमवार को बाघ के अवशेष मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद वन विभाग की टीम ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. घटना ब्यौहारी बफर जोन के बोचरो गांव का है. जहां एक खेत से उठी दुर्गंध से पूरे मामले का खुलासा हुआ है.

मिट्टी में दफन था बाघ का रहस्य

बीते 8 नवंबर 2025 की दोपहर बोचरो निवासी पुष्पेंद्र पटेल के खेत से दुर्गंध आने की सूचना स्थानीय लोगों ने वन विभाग को दी. सूचना मिलते ही सहायक परिक्षेत्र अधिकारी ब्यौहारी की टीम, परिक्षेत्राधिकारी, वनकर्मी दल और डॉग स्क्वाड के साथ मौके पर पहुंची. मामले की जांच पड़ताल के बाद खेत में खुदाई की गई, खुदाई में 2 गड्ढों से एक बोरी, बाघ के बालों के गुच्छे सहित वन्य प्राणी के शरीर के महत्वपूर्ण अंग बरामद हुए हैं.

जांच के लिए विसरा भेजा गया फॉरेंसिक लैब

बरामदगी स्थल संजय टाइगर रिजर्व और उत्तर शहडोल वन मंडल की सीमा पर मौजूद है. जिसके चलते जांच की प्रक्रिया और भी पेचीदा हो गई. बरामद अवशेषों की पुष्टि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा की गई. प्रारंभिक परीक्षण में बरामद अवशेष बाघ के ही बताए जा रहे हैं. विसरा नमूने सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं, ताकि मौत के कारण और समय का निर्धारण हो सके.

NTCA प्रोटोकॉल के तहत जांच

NTCA के नियमों के मुताबिक, क्षेत्र संचालक अमित कुमार दुबे, NTCA प्रतिनिधि कैलाश तिवारी व वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ के अवशेषों को विधिसम्मत तरीके से दहन कर नष्ट किया गया. घटना के बाद वन विभाग ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 468/01 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. संजय टाइगर रिजर्व के क्षेत्रीय संचालक अमित कुमार दुबे ने बताया कि “जांच के आधार पर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है. प्रारंभिक सबूत शिकार या अवैध व्यापार की ओर इशारा कर रहे हैं, हालांकि वास्तविक मृत्यु स्थल और कारणों को लेकर गहन जांच जारी है.”

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.