Local & National News in Hindi
ब्रेकिंग
‘गैंगस्टरां ते वार’ की शुरुआत के बाद पंजाब में गैंगस्टरों से संबंधित हत्याओं में भारी कमी, गोलीबारी ... मुख्य मंत्री ने हॉलैंड के महान हॉकी खिलाड़ी फ्लोरिस जान बोवेलैंडर से की मुलाकात, पंजाब के खिलाड़ियों... Road Accident: जिस घर से उठनी थी बेटे की बारात, वहां से उठी पिता की अर्थी; शादी के कार्ड बांटने निकल... Indore Viral News: गले में वरमाला और शादी का जोड़ा पहन DM ऑफिस पहुंचा दूल्हा, बोला- 'दुल्हन कैसे लाऊ... Bihar Bridge Collapse: तीन बार गिरे सुल्तानगंज पुल में 'वास्तु दोष'? निर्माण कंपनी अब करवा रही चंडी ... Kolkata Hospital Fire: कोलकाता के आनंदलोक अस्पताल में भीषण आग, खिड़कियां तोड़कर निकाले गए मरीज; पूरे... Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना 'विवादित' शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था '... Novak Djokovic Virat Kohli Friendship: विराट कोहली के लिए नोवाक जोकोविच का खास प्लान, भारत आकर साथ म... Salman Khan Vamshi Film Update: वामशी की फिल्म में सलमान खान का डबल रोल? हीरो के साथ विलेन बनकर भी म... Crude Oil Supply: भारत के लिए खुशखबरी! इराक और सीरिया का 15 साल से बंद बॉर्डर खुला, क्या अब और सस्ता...

बरेली की मीट फैक्ट्रियों में 27 कश्मीरी गार्ड्स! दिल्ली ब्लास्ट के बाद एजेंसियां हुई अलर्ट, जांच शुरू, खुलासे की आशंका

दिल्ली में हुए ब्लास्ट के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियों ने जब जांच का दायरा बढ़ाया है, तो उसकी आंच बरेली तक भी पहुंच गई. एजेंसियों को कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर बरेली की दो बड़ी मीट एक्सपोर्ट कंपनियां रडार पर आ गई हैं. जांच के दौरान पता चला है कि इन कंपनियों में सुरक्षा गार्ड के तौर पर 27 कश्मीरी युवक तैनात थे.

सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से कंपनियों में ये कश्मीरी युवक काम कर रहे थे. लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि किसी का भी स्थानीय पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था. ऐसे समय में जब देश के कई बड़े शहरों में सुरक्षा को लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है, यह लापरवाही गंभीर मानी जा रही है.

सिक्योरिटी एजेंसी का मालिक भी कश्मीर का निकला

जांच टीम ने जब इन गार्डों की भर्ती और तैनाती से जुड़ी जानकारी खंगाली तो मालूम हुआ कि दोनों मीट कंपनियों ने एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी से गार्ड मंगाए थे. आगे जांच बढ़ी तो यह तथ्य भी सामने आया कि जिस सिक्योरिटी एजेंसी ने गार्ड भेजे, उसका संचालक भी कश्मीर का रहने वाला है. यह जानकारी सामने आते ही पुलिस की सतर्कता और बढ़ गई. अधिकारियों ने तुरंत सिक्योरिटी एजेंसी के रजिस्ट्रेशन, वैधानिक दस्तावेज और उसके मालिक के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी.

पुलिस का मानना है कि जब किसी संवेदनशील समय में बाहर से आने वाले लोगों को सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी दी जाती है, तो उसका वेरिफिकेशन होना बेहद जरूरी है. लेकिन यहां कंपनियों ने बिना स्थानीय जांच कराए ही गार्ड तैनात कर दिए. फिलहाल पुलिस इस ओर गंभीरता से जांच कर रही है कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में गार्ड एक साथ कैसे रख लिए गए और इनका बैकग्राउंड क्या है.

एलआईयू के हाथ में पूरी जांच, वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में

मामला संवेदनशील लगने पर पूरा केस बरेली की लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) को सौंप दिया गया है. एलआईयू ने सभी 27 युवकों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है. यह पता लगाया जा रहा है कि वे किस रास्ते से बरेली पहुंचे, उन्हें यहां किसने हायर कराया और भर्ती की पूरी प्रक्रिया क्या थी. साथ ही उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, पारिवारिक बैकग्राउंड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

सिर्फ पहचान और कागजी औपचारिकताएं ही नहीं, बल्कि इन युवकों के बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट पर भी पुलिस की नजर है. जांच टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कहीं इनके खातों से किसी संदिग्ध नंबर या लोकेशन पर बड़ा लेन-देन तो नहीं हुआ.

जांच रिपोर्ट जल्द सौंपेगी पुलिस

पूरी जांच अब अंतिम चरण में है. एलआईयू और स्थानीय पुलिस मिलकर सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जानकारी भले ही संदिग्ध लग रही हो, लेकिन अंतिम रिपोर्ट ही स्थिति स्पष्ट करेगी. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट के बाद इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और हर छोटे-बड़े तथ्य की जांच की जा रही है.

मीट कंपनियों के मालिकों से भी पूछताछ कर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने बिना वेरिफिकेशन इतनी बड़ी संख्या में गार्ड कैसे रख लिए. पुलिस जल्द ही पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल बरेली की सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.